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UP: अब सीसीटीवी कैमरों से होगी पान मसाला फैक्टरियों की निगरानी, पहली बार इस तरह किसी उद्योग पर रखी जाएगी नजर

Mon, 02 Dec 2024 09:37 AM IST
शाहरुख खान अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर

सार

यूपी में अब पान मसाला फैक्टरियों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से होगी। पहली बार इस तरह किसी उद्योग पर नजर रखी जाएगी। प्रमुख सचिव के निर्देश पर जीएसटी विभाग फैक्टरियों के बाहर कैमरे लगवाएगा।
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Pan Masala factories - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पान मसाला कारोबार पर निगरानी और बढ़ाई जा रही है। अब पान मसाला फैक्टरियों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएंगे। इस संबंध में एसजीएसटी के प्रमुख सचिव ने अफसरों को निर्देश दिए हैं। हर समय निगरानी के लिए केंद्रीयकृत कमांड सेंटर बनाने के लिए भी कहा गया है।
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विभाग के अपर आयुक्त ग्रेड एक और अपर आयुक्त ग्रेड दो (एसआईबी) की ओर से 30 नवंबर को निर्देश जारी किए गए हैं। फैक्टरियों के बाहर अफसरों की रोस्टर के अनुसार, चल रही निगरानी की समयसीमा एक सप्ताह बढ़ा दी गई है। 

सात दिसंबर तक रोस्टर के अनुसार अफसरों की ड्यूटी भी लगा दी गई है। ऐसा पहली बार होगा कि ट्रेड विशेष की निगरानी सीसीटीवी से करवाई जाएगी। वहीं कारोबारी संगठनों ने इस फैसले को गलत बताया है और बैठक कर आंदोलन और बंदी की चेतावनी दी है।
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वहीं लगातार बढ़ती निगरानी से पान मसाला कारोबार से जुड़े सुपाड़ी, कत्था, लौंग, इलायची, मुलेठी, पिपरमेंट के कारोबार को तगड़ा झटका लगा है। सुपाड़ी कारोबार तो 80-90 प्रतिशत तक गिर गया है। 

कारोबारियों का कहना है कि एक ट्रेड विशेष को अधिकारी लक्ष्य बनाकर काम कर रहे हैं। इसका असर ये है कि कारोबारी दिल्ली, उत्तराखंड व अन्य राज्यों की ओर रुख कर रहे हैं।

 

कानपुर नगर, कानपुर देहात में बड़े पैमाने पर पान मसाला, गुटखा, खैनी और तंबाकू का उत्पादन किया जाता है। यहां पर 14 इकाइयां हैं। इसके अलावा लखनऊ, नोएडा, दिल्ली से तैयार माल शहर में आता है।
 

पान मसाला फैक्टरियों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश आए हैं। ऐसा तो आज तक किसी कारोबार की निगरानी में देखने को नहीं मिला है। पान मसाला कारोबार को टारगेट करके निगरानी की जा रही है। जल्द ही बैठक कर आंदोलन की रणनीति बनाएंगे। जरूरत पड़ी तो प्रदेशव्यापी बाजार बंदी की जाएगी।-अवधेश बाजपेई, अध्यक्ष, द किराना मर्चेंट एसोसिएशन।

 
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शहर में सुपाड़ी के साथ अन्य उत्पादों की भी मांग कम हो गई है। सरकार को सालाना एक हजार करोड़ का टैक्स दिया जाता है। अब सीसीटीवी से निगरानी के निर्देश दिए हैं। ऐसा ही रहा तो शहर से कारोबार ही बंद हो जाएगा।- अलंकार ओमर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, द किराना मर्चेंट एसोसिएशन
 
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