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पाॅलीटेक्निक में अब जॉब ओरिएंटेड पढ़ाई

Sun, 05 Jul 2015 02:19 AM IST
संतोष सिंह, कानपुर
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पाॅलीटेक्निक की पढ़ाई को इंडस्ट्री और जॉब ओरिएंटेड बनाने की पहल की गई है। इसके लिए शोध विकास संस्थान एवं प्रशिक्षण परिषद (आईआरडीटी) ने 12 नए कोर्स तैयार किए हैं। इनकी पढ़ाई शैक्षिक सत्र 2016-17 से होगी। इनमें 10वीं पास स्टूडेंट एडमिशन ले सकेंगे।
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नए कोर्स की पढ़ाई यूपी के 400 से ज्यादा राजकीय, अनुदानित और निजी पालीटेक्निकों में कराई जाएगी। जो कोर्स बने हैं, उसमें इंडस्ट्री, पब्लिक सेक्टर और मार्केट को जगह दी गई है। प्रैक्टिकल की पढ़ाई पर खास ध्यान दिया गया है।
प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा मोनिका एस गर्ग और निदेशक ओपी वर्मा की पहल के बाद आईआरडीटी कानपुर ने पाॅलीटेक्निक का एडवांस कोर्स तैयार किया है।

यह पहला मौका है, जब मेकाट्रानिक्स इंजीनियरिंग का कोर्स बना है। मेकाट्रानिक्स को कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, मेकेनिकल, इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रानिक्स का मिला-जुला रूप माना जाता है। आटोमेशन में इसकी जबरदस्त डिमांड है। आईआरडीटी के निदेशक कफिल अहमद ने बताया कि अब सारा ध्यान स्टूडेंट के कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) पर है।
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कोशिश है कि पाॅलीटेक्निक में एडमिशन लेने वाले हर स्टूडेंट को इस काबिल बनाया जाए, ताकि रोजगार मिलने में किसी तरह की दिक्कत न आ सके। यही वजह है कि इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्युनिकेशन का नया कोर्स तैयार किया गया है। इसकी डिमांड आईटी सेक्टर में है। देश का इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी की पढ़ाई करना जरूरी है।

निदेशक ने कहा कि अभी तक राजकीय, अनुदानित और निजी पाॅलीटेक्निक में 60 कोर्स की पढ़ाई कराई जा रही है। अगले शैक्षिक सत्र से इनकी संख्या बढ़कर 72 हो जाएगी। 70 कोर्स की पढ़ाई सेमेस्टर सिस्टम से होगी। दो कोर्स में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। नए कोर्स आईआईटी, एचबीटीआई और औद्योगिक इकाइयों के एक्सपर्ट की मदद से बनाए गए हैं। इनमें उन सभी पहलुओं का ध्यान दिया गया है, जो कि रोजगार के लिए जरूरी होता है।  

ये हैं नए कोर्स
डिप्लोमा इन पल्प एंड पेपर टेक्नोलॉजी, प्रोडक्शन इंजीनियरिंग, फूड टेक्नोलॉजी, कारपेट टेक्नोलॉजी, प्योर मेकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रानिक्स, कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी, मेकाट्रानिक्स इंजीनियरिंग, पैकेजिंग टेक्नोलॉजी और मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी।

इन कोर्स का रिवीजन
पीजी डिप्लोमा इन कंप्यूटर हार्डवेयर एंड नेटवर्किंग, पीजी डिप्लोमा इन वेब डिजाइनिंग, कंप्यूटर अप्लीकेशन फॉर इंजीनियरिंग, डिप्लोमा इन पेंटिंग टेक्नोलॉजी, पीजी डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, डिप्लोमा इन माडर्न आफिस मैनेजमेंट एंड सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस, पीजी डिप्लोमा इन एकाउंटेंसी, पीजी डिप्लोमा इन बायो टेक्नोलॉजी और डिप्लोमा इन सैडलरी टेक्नोलॉजी। 

सेमेस्टर सिस्टम के 58 कोर्स अपग्रेड
119 राजकीय और अनुदानित पाॅलीटेक्निक के साथ ही यूपी की 300 से ज्यादा निजी पाॅलीटेक्निक में सेमेस्टर सिस्टम की पढ़ाई के लिए 58 कोर्स अपग्रेड कर दिए गए है। ये कोर्स एक साल (दो सेेमेस्टर), दो साल (चार सेमेस्टर) और तीन साल (छह सेमेस्टर) के हैं। आईआरडीटी के मुताबिक 48 कोर्स पहले ही रिवीजन किए गए थे। शैक्षिक सत्र 2015-16 में 10 कोर्स का रिवीजन हुआ है। फार्मेसी और इंडस्ट्रियल सेफ्टी कोर्स ऐसा है, जिसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। इनमें बदलाव से पहले केंद्र सरकार से अनुमति लेनी होती है। यही वजह है कि इन दो कोर्स को सेमेस्टर सिस्टम पर नहीं लाया  गया है।    
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