औरैया में हाइड्रा कारोबारी दिलीप हत्याकांड में पुलिस ने गैंग लीडर समेत छह आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की है। औरैया में ये गिरोह सुपारी लेकर हत्या व हत्या की कोशिश आदि वारदातों से धनोपार्जन में सक्रिय था।
सभी के खिलाफ पुलिस ने सहार थाने में केस दर्ज किया है। मामले में दिलीप की पत्नी ने आरोपियों के साथ मिलकर पति की हत्या कराई थी। सहार थानाध्यक्ष पंकज मिश्र के मुताबिक दिबियापुर थाना के चमरौआ गांव निवासी दुर्लभ उर्फ पिंटू यादव इस संगठित गैंग का मुख्य सरगना है।
यह गैंग औरैया में सक्रिय है। इस गिरोह में चमरौआ निवासी शिवम यादव, फफूंद के हजियापुर निवासी अनुराग उर्फ बबलू उर्फ मनोज यादव, अछल्दा के प्रेमनगर निवासी रामजी नागर उर्फ चौधरी, मैनपुरी के थाना भोगांव के नगला दीपा निवासी व हाल पता फफूंद के सियापुर गांव निवासी प्रगति यादव (मारे गए हाइड्रा चालक की पत्नी) व चमरौआ निवासी रामू यादव बतौर सक्रिय सदस्य हैं।
थानाध्यक्ष ने बताया कि सभी के खिलाफ गैंगस्टर के तहत केस दर्ज किया है, हालांकि गैंग लीडर समेत पांच सदस्य सलाखों के पीछे हैं। जबकि प्रधान जमानत पर जेल से बाहर है।
क्या था मामला
मैनपुरी निवासी हाइड्रा चालक दिलीप पर मार्च में शादी के 15 दिन बाद सहार क्षेत्र के पटना नहर पुल के समीप जानलेवा हमला हुआ था। उपचार के दौरान दिलीप की मौत हो गई थी। पुलिस ने कुछ दिन बाद दिलीप की पत्नी प्रगति व उसके प्रेमी अनुराग समेत शूटर रामजी नागर को गिरफ्तार कर लिया था।
पूछताछ में अनुराग व प्रगति द्वारा दिलीप को रास्ते से हटाकर उसकी संपत्ति पर शौक करने की प्लानिंग सामने आई थी। वहीं अनुराग के मौसेरे भाई दुर्लभ यादव, शिवम को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जबकि चमरौआ प्रधान रामू यादव ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था।
मामले में पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। जिसके बाद चमरौआ प्रधान जमानत पर बाहर आ गया था। उधर, प्रेमी अनुराग, प्रेमिका प्रगति, दुर्लभ यादव, शिवम की जमानत अर्जियां खारिज हो चुकी हैं।