बीते 8 अगस्त को सरसौल रेलवे स्टेशन से महाराजपुर कस्बे के बीच पड़ने वाले शंकरानंद विद्यालय सहित चार विद्यालयों के बीच में सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुकी थी और करीब 20 वर्षों से उसकी मरम्मत नहीं हुई थी। घुटनों से भरे पानी के बीच से करीब 3000 स्कूली बच्चे विद्यालय पहुंच रहे थे। जिसकी खबर को अमर उजाला ने 8 अगस्त के अंक में प्रमुखता से दिखाया था।
सरसौल रेलवे स्टेशन से शंकरानंद विद्यालय तक करीब 500 मीटर की जर्जर सड़क गड्ढों का मैदान बन चुकी थी। शिकायतों के बावजूद इस ओर किसी का ध्यान नहीं गया। विद्यालय के प्रबंधक ने बताया था कि यह सड़क 20 वर्ष पहले बनी थी इसके बाद से आज तक कोई इसको झांकने तक नहीं आया।