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Kanpur News: अब साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट कर की जा रही ठगी

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पनकी थाना प्रभारी  मनोज सिंह भदौरिया ने छात्राओं से कानूनी जानकारी साझा की - फोटो : स्रोत : पुलिस
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कानपुर। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शुक्रवार को पनकी थाने में दोस्त पुलिस का आयोजन किया गया। सरदार पटेल एकेडमी पब्लिक स्कूल पनकी की छात्राओं को जागरूक किया गया। थाना प्रभारी मनोज सिंह भदौरिया ने बताया कि शातिर अपराधियों ने ठगी का तरीका बदल दिया है। अब साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट कर ठगी की जा रही है। बताया मोबाइल से फायदे के साथ नुकसान भी है। सिर्फ पढ़ाई और ज्ञान बढ़ाने के लिए ही मोबाइल का उपयोग करें। फेसबुक, इंस्टाग्राम का उपयोग सोच समझकर करें।
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थाना प्रभारी ने कहा कि साइबर अपराधी लालच का जाल फेंकते हैं और पढ़े लिखे लोग फंस जाते हैं। इसलिए मुफ्त और बिना किसी योगदान के कोई उपहार या रकम दे रहा है तो सतर्क हो जाएं। अनजान कॉल पर भरोसा न करें और बहकावे में न आएं। किसी भी लिंक पर क्लिक करने से बचें। फ्राॅड होने पर टोल फ्री नंबर 1930 साइबर हेल्पलाइन और साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
महिला दरोगा वंदना ने छात्राओं को पुलिस की कार्यप्रणाली से लेकर सुरक्षा के बारे में जानकारी दी। कहा कि पुलिस लोगों की मित्र है। हर परिस्थितियों में पुलिस मदद के लिए आगे रहती है। कोई वारदात या कोई संदिग्ध दिखता है तो तुरंत यूपी 112 पर सूचना दें। सूचना देने वाले का नाम पुलिस गोपनीय रखती है। शहरी क्षेत्र में पीआरवी पांच मिनट में और ग्रामीण क्षेत्रों में 10 मिनट के अंदर पहुंचती है। 24 घंटे पीआरवी की सेवा उपलब्ध है।
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परिवार में किसी भी महिला या किशोरी के साथ कोई घटना होती है तो तुरंत 1090 पर शिकायत दर्ज कराएं। सरदार पटेल एकेडमी पब्लिक स्कूल पनकी के प्रबंधक महेंद्र सिंह कटियार और प्रिंसिपल अविनाश कौर ने छात्राओं का उत्साह बढ़ाया।


सीसीटीएनएस की कार्यप्रणाली समझाई
महिला दरोगा वंदना ने सभी छात्राओं को थाना कार्यालय, अभिलेखागार, सीसीटीएनएस, हवालात और परिवार परामर्श केंद्र का भ्रमण कराया। उन्होंने बताया कि क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्किंग सिस्टम (सीसीटीएनएस) पर ऑनलाइन एफआईआर दर्ज होती है और उसी पर विवेचना और चार्जशीट भी तैयार की जाती है। वहीं, अभिलेखागार में थाना क्षेत्र के सभी अपराधियों का ब्यौरा दर्ज रहता है। आवश्यकता पड़ने पर उसे निकाल कर कोर्ट में पेश किया जाता है। अपराधी को 24 घंटे हवालात में नहीं रखा जाता है। उसका चालान कर कोर्ट में पेश किया जाता है जहां से उसे जेल भेज दिया जाता है या उसे जमानत मिल जाती है।
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