जेके कैंसर संस्थान में आने वाले दिनों में मरीजों की अत्याधुनिक मशीनों से जांच की जाएगी। डायरेक्टर डॉ. एमपी मिश्रा ने बताया कि शासन ने 61.25 करोड़ रुपये की लागत से 11 मशीनों के प्रस्ताव को सहमति दे दी है। मशीनों के लगने से कैंसर पीड़ित मरीजों के इलाज में काफी सहूलियत हो जाएगी।
जेके कैंसर संस्थान में एमआरआई, सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड मशीनें काफी पुरानी हो चुकी हैं। इन मशीनों से मरीजों की जांच में दिक्कत होती है। डायरेक्टर डॉ. एमपी मिश्रा ने बताया कि शासन ने 61.25 करोड़ रुपये की लागत से 11 मशीनों के प्रस्ताव को सैद्धांतिक सहमति दे दी है।
इन मशीनों के लगने से मरीजों को जांच के लिए कहीं और जाना नहीं पड़ेगा। शासन ने अत्याधुनिक मशीनों के लिए संस्थान से दिसंबर में प्रस्ताव मांगा था। इन मशीनों के अगले वित्तीय वर्ष में आने की संभावना है।
किडनी, रुमेटाइड आर्थराइटिस पर होगा शोध
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में किडनी के मरीजों में हीमोग्लोबिन की कमी, रुमेटाइड आर्थराइटिस की नई दवा के असर आदि पर शोध प्रस्ताव को एथिकल कमेटी ने मंजूरी दे दी है। इसी के साथ मिशिगन यूनिवर्सिटी और डब्ल्यूएचओ के शोध के आधार पर हैलट के मेडिसिन विभाग में डायबिटीज मरीजों का डाटा तैयार किया जाएगा।
सीआरएस हाल में हुई एथिकल कमेटी की बैठक में अपच के इलाज, एचआईवी समेत दस शोध प्रस्ताव रखे गए। इनमें से नौ प्रस्तावों को स्वीकृत कर लिया गया। मेडिसिन विभाग के डॉ. सौरभ अग्रवाल ने बताया कि किडनी के मरीजों के हीमोग्लोबिन की मात्रा कम होने पर नया इंजेक्शन लांच हुआ है।
यह इंजेक्शन हफ्ते में एक बार ही लगाया जाएगा। इसके प्रभाव का अध्ययन किया जाएगा। इसके साथ ही अन्य प्रस्तावों में भी दवाओं के प्रभाव का अध्ययन किया जाएगा।