मुर्गा मार्केट की शिफ्टिंग का रास्ता साफ हो गया है। मंगलवार को हाईकोर्ट ने मुर्गा मार्केट दुकानदारों की तरफ से दायर याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि दुकानदारों को जहां पर बसाया जा रहा है, जब उस जमीन के ओनर को आपत्ति नहीं है, तो दुकानदारों को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
इस बीच केडीए और जिला प्रशासन ने दो दिन के अंदर दुकानदारों को शिफ्ट करने की योजना भी तैयार कर ली है। किस दुकानदार को कौन सी दुकान मिलेगी, इसके लिए 18 को लाटरी सिस्टम से आवंटन किया जाएगा।
परेड क्षेत्र में मल्टीस्टोरी पार्किंग और कामर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए केडीए ने यहां पर चल रही मुर्गा मार्केट को शिफ्ट करने की योजना बनाई थी। इसकी तैयारी भी शुरू हो गई थी। इसी बीच मुर्गा मार्केट के दुकानदारों ने उस जमीन को वक्फ बोर्ड का बताते हुए हटने से मना कर दिया था।
जब प्रशासन ने कड़ाई की तो दुकानदार कोर्ट चले गए। केडीए ने भी दमदारी से कोर्ट में अपना पक्ष रखा और उसकी जीत हुई। दुकानदारों को शिफ्ट करने के लिए परेड के मछली मार्केट के बगल 90 दुकानें बनाई गई हैं। जिसमें से 79 दुकानदारों को दुकानें आवंटित करने का फैसला लिया गया है।
कोर्ट का फैसला केडीए के पक्ष में आने के बाद दुकानों की फर्श बनाने का काम भी तेज कर दिया गया। देर शाम तक यह काम चलता रहा। इस मामले में मंडलायुक्त मो. इफ्तिखारुद्दीन, केडीए वीसी जयश्री भोज और डीएम कौशलराज शर्मा ने मीटिंग की। साथ ही कहा कि बुधवार को व्यापारियों को बुलाकर नक्शा दिखाया जाएगा। नई जगह पर टीन शेड बन गया है। इसका आवंटन 18 को लाटरी के जरिए होगा।