आयकर विभाग कानपुर स्थित नयागंज के सराफा कारोबारी व मोनिका ज्वैलरी के मालिक सौरभ बाजपेई की फर्मों के छह साल के दस्तावेजों की जांच करेगा। ये दस्तावेज सोने की खरीद और बिक्री से जुड़े होंगे। आयकर अफसर इस बात की पड़ताल करेंगे कि इससे पहले कितना सोना किन किन फर्मों से खरीदा गया और किसे बेचा गया। अफसरों को इसमें भी हेराफेरी की आशंका है। बीते वर्षों के दस्तावेज दो दिन में कार्यालय में जमा करने को कहा गया है।
फतेहपुर पुलिस ने बुधवार को कानपुर-लखनऊ हाईवे पर लोधीगंज के पास सराफा कारोबारी के कर्मचारियों से 1.20 करोड़ रुपये बरामद किए थे। नकदी कार में छिपाकर कोलकाता ले जाई जा रही थी। इसके बाद से आयकर विभाग सराफा कारोबारी के प्रतिष्ठान और दस्तावेजों की जांच कर रहा है। शुरुआती पूछताछ में कारोबारी ने यह स्वीकार किया कि बरामद रकम उन्हीं की है। लेकिन वे नकदी का हिसाब नहीं दे पाए थे।
इस पर आयकर अफसरों का संदेह गहरा गया है कि फर्म में नंबर दो की कमाई हो रही है। इस कमाई को सोना तस्करी में इस्तेमाल किया जा रहा था। इस संदेह के आधार पर ही आयकर अफसरों ने कारोबारी से बीते छह साल के दस्तावेज तलब किए हैं।
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मोबाइल ऐप में नहीं ट्रेस हुआ कार नंबर
आयकर विभाग के सूत्र बताते हैं कि फतेहपुर पुलिस ने जिस कार से रकम बरामद की है वह पश्चिम बंगाल की है। वहां के परिवहन विभाग के मोबाइल ऐप में कार नंबर डाला गया तो गाड़ी मालिक के बारे में कोई डाटा उपलब्ध नहीं मिला। इस पर आशंका है कि कार में फर्जी नंबर तो इस्तेमाल नहीं किया गया। आयकर विभाग ने कोलकाता के आरटीओ को पत्र लिखकर कार के मालिक का विवरण देने को कहा है।
इलाहाबाद रेंज ने कब्जे में ली रकम
फतेहपुर पुलिस की ओर से पकड़ी गई 1.20 करोड़ की रकम को आयकर विभाग की इलाहाबाद रेंज ने अपने कब्जे में ले लिया है। आयकर विभाग अब मुद्रा के अनैतिक परिवहन का मामला चलाएगा। मामला हवाला से जुड़ा हुआ होगा तो प्रवर्तन निदेशालय को सूचना दी जाएगी।
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कई दिन से थी कार की तलाश
फतेहपुर पुलिस को पकड़ी गई कार की तलाश कई दिन से थी। पकड़े जाने से दो दिन पहले लगातार नाकेबंदी की जा रही थी। यह सूचना मुखबिर के जरिये मिली थी कि फतेहपुर से बड़ी मात्रा में नकदी का परिवहन होना है।
इनसे मिली थी रकम
यह रकम उन्नाव के बीघापुर के गांव कुलहा निवासी प्रशांत शुक्ला पुत्र शिव प्रकाश शुक्ला और मगरवारा के अवस्थीखेड़ा गांव निवासी रजनीश अग्निहोत्री पुत्र चंद्र किशोर के पास से मिली थी। रकम कार में छिपाकर कोलकाता ले जाई जा रही थी।