कानपुर देहात। जिले में 70 होटलों-ढाबों को अग्निशमन विभाग की ओर से कई बार नोटिस दिए जा चुके हैं। मगर संचालक आग से बचाव के इंतजाम नहीं कर रहे हैं। इस लापरवाही से आग लगने पर जान माल के नुकसान का खतरा बना रहता है।
जिले में अकबरपुर, रनियां, सिकंदरा, भोगनीपुर समेत अन्य स्थानों पर 70 से अधिक होटल व ढाबा संचालित हैं। बहुमंजिला इमारतों में चल रहे होटलों में ठहरने की व्यवस्था है। रनियां व अकबरपुर के होटल अच्छा कारोबार कर रहे हैं। मगर यहां आग से बचाव के इंतजामों के प्रति संचालक लापरवाह हैं। हालात ये हैं कि लगातार कई नोटिस दिए जाने के बाद भी किसी होटल व ढाबा में आग से बचाव के इंतजाम नहीं किए गए हैं।
इसकी वजह से आग लगने पर जान माल के नुकसान का खतरा बना रहता है। अकेले अकबरपुर तहसील में बिना अग्निशमन सुरक्षा इंतजाम के 32 होटल-ढाबा संचालित हैं। फरवरी में अग्निशमन विभाग ने संचालकों को नोटिस दिया था। इसमें 10 से अधिक होटल व ढाबा-संचालकों को तीसरी बार नोटिस दिया गया। इधर तीन माह बीतने को है पर होटल-ढाबा संचालकों ने आग से बचाव के इंतजाम नहीं किए हैं।
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वर्जन........
बिना अग्निशमन सुरक्षा इंतजाम के संचालित होटल-ढाबा में आग लगने पर जनहानि का खतरा बना है। संचालकों को नोटिस दी जा चुकी है। पूरी स्थिति से एडीएम प्रशासन को अवगत कराया गया है। सरायं एक्ट में उनके स्तर पर कार्रवाई का नियम है। - सुरेंद्र सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
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ये इंतजाम जरूरी
अग्निशमन यंत्र, पानी की बौछार के लिए स्प्रिंकलर, हाइड्रेंट, भूमिगत व ओवर हेड पानी के टैंक और पानी के टैंक से प्रेशर से पानी निकासी के लिए बिजली चालित व डीजल चालित मोटर भी लगी होनी चाहिए। इसके साथ ही मैनुअल फायर अलार्म व स्मोक अलार्म भी जरूरी है।