जांच में तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी, 19 लेखपाल निलंबित हुए थे। इसके बाद समाज कल्याण निदेशालय ने अपात्रों से वसूली के निर्देश दिए थे। हालांकि इसके बाद किसी ने प्रयास नहीं किया और इस बीच फाइलें भी गायब हो गईं। अमर उजाला ने 27 फरवरी के अंक में इसका खुलासा किया तो सीडीओ ने संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया है।