कानपुर देहात। जिले के अलग-अलग विकास खंडों में कामदगिरि कंस्ट्रक्शन फर्म के नाम कई ग्राम पंचायतों में 15वें वित्त एवं पंचम राज्य वित्त आयोग से करीब 45 लाख रुपये का भुगतान किया गया। मामले में राजपुर ब्लॉक में तैनात एक तकनीकी सहायक पर संलिप्तता के आरोप हैं। डीपीआरओ ने 19 पंचायतों के प्रधानों, सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जांच शुरू की है।
राजपुर ब्लॉक में तैनात एक तकनीकी सहायक पर अपने सगे संबंधी के नाम कामदगिरि कंस्ट्रक्शन फर्म बनाकर अमरौधा, मलासा, डेरापुर व राजपुर ब्लॉक के 19 ग्राम पंचायतों 15वें एवं पंचम राज्य वित्त आयोग से कराए गए नाली, खड़ंजा, इंटरलाॅकिंग कार्यों में करीब 45 लाख का भुगतान करने का आरोप लगा है। मामला सामने आने पर पंचायती राज विभाग ने ई-ग्राम स्वराज पोर्टल से फर्म को किए गए भुगतान का मिलान कराया तो अमरौधा ब्लॉक की अमिलिया, बरौली, बील्हापुर, चकचालपुर, चांदापुर, चपरघटा, गौरी रज्जन, गौरी, जल्लापुर महेरा, जुनेदापुर, सेल्हूपुर, डेरापुर ब्लॉक के इकरामपुर, खजुरी, मलासा ब्लॉक के गुरुगांव, गुढ़ा, लेवामऊ, राजपुर ब्लॉक की दमनपुर, मदनपुर, नसीरपुर में 15वें वित्त एवं पंचम राज्य वित्त आयोग से 4503603 रुपये का भुगतान किए जाने की जानकारी हुई।
इस पर डीपीआरओ ने बृहस्पतिवार को संबंधित ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों व सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिवस में स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही संबंधित ब्लॉक के एडीओ पंचायत को भी नोटिस दी गई है। मामले में डीपीआरओ विकास पटेल ने बताया कि राजपुर ब्लॉक में तैनात तकनीकी सहायक बदन सिंह के किसी संबंधी की कामदगिरि कंस्ट्रक्शन फर्म होने की बात कही जा रही है। फर्म संचालक का तकनीकी सहायक से क्या रिश्ता है इसकी जानकारी की जा रही है। कब-कब, किन मदों में कितना भुगतान ग्राम पंचायतों ने किया, इसकी रिपोर्ट मांगी गई है। ब्लॉक से रिपोर्ट आने व जांच के बाद ही स्थिति साफ होगी। यदि गड़बड़ी मिलती है तो कार्रवाई कर रिकवरी कराई जाएगी।
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सगे संबंधियों के नाम फर्म में भुगतान पर है रोक
शासन के नियमानुसार ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक, सहायक कार्यक्रम अधिकारी, सहायक लेखाकार, कंप्यूटर ऑपरेटर और ग्राम रोजगार सेवक अपने नजदीकी रिश्तेदारों के नाम से फर्म या कंपनी नहीं संचालित कर सकते हैं। इसके बावजूद आरोप है कि तकनीकी सहायक तीन वर्षों से संबंधियों के नाम फर्म बनाकर बिलों का लगातार भुगतान करता रहा। खास बात यह है ब्लॉक अफसर जानकारी भी अनजान बने रहे।