मस्जिदों पर 'नो जुमा' की नोटिस
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कोरोना के बढ़ते खतरे के मद्देनजर लॉकडाउन को देखते हुए लोगों से अपील की गई है कि जुमे की नमाज के बजाए घरों में जोहर की नमाज अदा करें। हालात को देखते हुए शरीअत भी इसका हुक्म देती है। गुरुवार को मस्जिदों पर ‘नो जुमा’ की नोटिस चस्पा कर दी गईं।
शहर काजी मौलाना आलम रजा खां नूरी और शहर काजी कारी अब्दुल कुद्दूस हादी की ओर से इस संबंध में अपील जारी की गई है कि घरों में जोहर की नमाज अदा कर लें। मस्जिदों में रहने वाले पेश इमाम, मोअज्जिन समेत तीन चार लोग अजान देंगे और जुमे की नमाज अदा कर लेंगे।
बाकी लोग घर में नमाज पढ़ेंगे। शहर काजियों ने कहा कि अगर लोग भीड़ लगाएंगे और घूमते रहेंगे तो संक्रमण की कड़ी टूटने नहीं पाएगी। शहर काजियों के अलावा मुफ्तियों ने भी इस संबंध में फतवा जारी कर दिया है।
मुफ्ती हनीफ बरकाती ने बताया कि पेश इमाम, मुअज्जिन आदि मस्जिदों में रहेंगे। अजान होगी, खुतबा होगा और नमाज होगी। यही तीन-चार लोग मस्जिदों में रहेंगे। बाकी लोग घरों में जोहर अदा करेंगे। इसके साथ ही प्रशासन ने भी सख्ती शुरू कर दी है।