अतर्रा में मंदिर में शादी रचाते सुशांत और कंचन
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मोबाइल फोन पर शुरू हुई दोस्ती रिश्ते में बदल गई। शहनाई बजने के दिन आए तो नोटबंदी आड़े आ गई। पर परवान चढ़ चुके प्यार पर इसका असर नहीं पड़ा। बैंडबाजा और खर्चीले कामों का दरकिनार कर मंदिर में सादगी से शादी रचा ली।
बांदा की चूड़ी गली में निवासी कंचन तोमर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ नर्स हैं। उधर, भोपाल में शिक्षक विभाग में कार्यरत सुशांत गुप्ता की उससे कुछ दिनों पहले मोबाइल फोन से संपर्क हुआ। संदेशों का आदान-प्रदान होता रहा। कुछ दिनों बाद यह संदेश शादी के पैगाम मेें बदल गए। दोनों ने एक दूसरे का ‘पैगाम’ कुबूल कर लिया।
लेकिन पिछले माह नोटबंदी ने इन दोनों की बैंडबाजा, बारात और शहनाई की तमन्ना पर ब्रेक लगा दिया। अंतत: दोनों ने नोटबंदी के ठीक एक माह बाद बृहस्पतिवार को यहां स्थित साईंधाम मंदिर में शादी की रस्म पूरी कर ली। पंडित गौरीशंकर ने पुरोहित की भूमिका में मंत्रोच्चारण के बीच शादी की रस्में पूरी कराईं। इस मौके पर कन्या पक्ष से पिता विक्रमादित्य तोमर और मां गीता तोमर समेत कुछ रिश्तेदार शरीक रहे, लेकिन वर पक्ष की ओर से कोई नहीं था।