संघ के प्रचारक और संघ समर्थित मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मार्गदर्शक, संयोजक इंद्रेश कुमार ने मुसलमानों से कहा कि कट्टर नहीं, सच्चे बनें। सभी लोग अपने-अपने धर्म पर कायम रहें और इबादत करें। दूसरे धर्म की इज्जत करें। यही इस्लाम की सीख है और सभी धर्म इसी की शिक्षा देते हैं। उन्होंने सभी को कानपुर, यूपी और देश को दंगा मुक्त बनाने का संकल्प भी दिलाया।
साकेत नगर के एक गेस्ट हाउस में महिला सोशल एक्शन कमेटी के ईद मिलन समारोह में इंद्रेश कुमार ने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम ने 1450 साल पहले कहा था कि उन्हें पूर्वी हिंदुस्तान की तरफ से अमन की ठंडी खुशबू आती है। इस देश में इंसानों के जनक हजरत आदम उतारे गए। इसलिए इस देश से ही मुहब्बत का पैगाम दुनिया को देना है।
उन्होंने कहा कि मादरे वतन जिंदाबाद, भारत माता की जय, वंदे मातरम, सैल्यूट टू मदर इंडिया एक ही चीज है। भाषा के आधार पर बिखराव करने वाले नफरत की राजनीति करते हैं। देश में लोग अमन चाहते हैं लेकिन राजनीति करने वाले इन्हें लड़ा रहे हैं।
शिया शहरकाजी मौलाना हामिद हुसैन ने कहा कि जिस देश में रहो उसकी वफादारी करो। वीर अब्दुल हमीद जैसे लोगों ने दुश्मनों के छक्के छुड़ा दिए। इस्लाम इंसानियत का ही संदेश देता है। मौलाना अजहर अब्बास नकवी, हाफिज सईद और पादरी जितेंद्र सिंह ने भी ईद मिलन समारोह पर इंसानियत और भाईचारे की बात की। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के सह संयोजक महिरध्वज सिंह ने कहा कि देश में हजारों दंगे हुए लेकिन कभी भी संघ का कोई पदाधिकारी या कार्यकर्ता न तो आरोपी है और न ही जेल गया।
संयोजक शबनम सिद्दीकी, आयोजक कुलजीत कौर, समी अंसारी, विधायक रघुनंदन सिंह भदौरिया, भाजपा जिलाध्यक्ष अनीता गुप्ता, अंजुम आरा, हाजी इम्तियाज, आसिफ अब्बास, रति दीक्षित आदि मौजूद रहे।
कॉमन सिविल कोड धार्मिक कानून में रोड़ा नहीं- इंद्रेश
कानपुर (ब्यूरो)। आरएसएस प्रचारक इंद्रेश कुमार ने कहा है कि कॉमन सिविल कोड किसी भी धर्म की कानूनी व्यवस्था में रोड़ा नहीं है। जातीय और धार्मिक व्यवस्था धार्मिक मान्यताओं के आधार पर होगी। कॉमन सिविल कोड सवा सौ करोड़ भारतीयों के विकास और झगड़ों को सुलझाने के लिए लागू करना जरूरी है।
इससे धार्मिक पर्सनल लॉ पर कोई असर नहीं पड़ेगा। डॉ. जाकिर नायक के भाषण से लोग हिंसा के लिए प्रेरित हुए। उनका बोलना इंसानियत नहीं, शैतानियत है। मुस्लिम संस्थाएं भी उनका विरोध कर रही हैं। वे भारत सरकार से मांग करेंगे कि वह जांच कराकर उन पर प्रतिबंध लगाएं। ईद मिलन समारोह में आए इंद्रेश कुमार ने कहा कि मुस्लिम समाज में तलाक का तरीका कैसा हो, यह धार्मिक और कानूनी मामला है, इस पर उनकी कोई राय नहीं है।
जब पैगंबर-ए-इस्लाम ने तलाक को नापसंदीदा अमल माना है तो इस तलाक को ही खत्म करने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने देश में भ्रूण हत्या, बलात्कार और महिला हिंसा का खात्मा करने की अपील की। इकलाख के परिजनों पर कोर्ट के आदेश पर हुआ मुकदमा प्रदेश सरकार की खामियों को दर्शाता है।
पैगंबर-ए-इस्लाम ने फरमाया है कि गाय का गोश्त बीमारी है और दूध में शिफा है। कश्मीर में हिंसा हुई लेकिन पहली बार गैर कश्मीरी लोगों ने जाकर हिंसा न करने के लिए समझाया। कश्मीर को दोजख बनाने का काम पाकिस्तान कश्मीरियों से ही करा रहा है।