कानपुर में हैलट के 100 बेड मैटरनिटी ब्लॉक में बनी फ्लू ओपीडी में शनिवार को डेढ़ सौ मरीजों ने अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इनमें को भी कोरोना संदिग्ध नहीं मिला। जुकाम, बुखार, खांसी के मरीज इस ओपीडी में 24 घंटे देखे जाएंगे। जबकि हैलट की जनरल ओपीडी 31 मार्च तक के लिए बंद कर दी गई है।
जुकाम, बुखार, खांसी के अलावा अन्य मरीजों को हैलट इमरजेंसी में देखा जाएगा। हैलट के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके मौर्या ने बताया कि मैटरिनटी ब्लॉक की फ्लू ओपीडी में तीन शिफ्टों में डॉक्टरों की ड्यूटी लगा दी गई है। फ्लू ओपीडी में डॉक्टरों ने प्रोेटेक्शन ड्रेस के साथ मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
लोग भी मुंह पर मास्क और अंगोछा बांधकर जांच कराने पहुंचे। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि कोई संदिग्ध रोगी मिलने पर संक्रामक रोग अस्पताल में जांच कराई जाएगी। इमरजेंसी में गंभीर रोगियों को देखा जा रहा है। अगर किसी को कोई और दिक्कत है तो वह इमरजेंसी में दिखा सकता है।
कोरोना संदिग्धों को रखने की व्यवस्था
100 बेड मैटरनिटी ब्लॉक में हैलट प्रबंधन ने कोरोना संदिग्ध मरीजों को रखने की व्यवस्था कर दी है। यहां 10 कमरे आरक्षित किए गए हैं। एक कमरे में एक कोरोना संदिग्ध रखा जाएगा। अगर कोई मरीज कोरोना पॉजिटिव आएगा तो उसे आईडीएच शिफ्ट कर दिया जाएगा।