तिर्वा। राजकीय मेडिकल कॉलेज में छात्रों के बीच रैगिंग रोकने और अनुशासित शैक्षणिक माहौल बनाए रखने के लिए मेडिकल प्रशासन सतर्क है। इसके लिए 17 सदस्यीय टीम गठित की गई है। सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. मोहम्मद अतहर की अगुवाई में गठित टीम को छात्रों की शिकायतों पर निगरानी रखने और उनका निस्तारण कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 14 साल में रैगिंग से संबंधित कोई शिकायत सामने नहीं आई है।
मेडिकल की पढ़ाई के दौरान छात्रों की सुरक्षा, आपसी अनुशासन और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए रैगिंग की रोकथाम और शिकायतों के समाधान के लिए टीम गठित की गई है। इसमें छह डॉक्टर, सात वार्डन और चार छात्रों को शामिल किया गया है। टीम का उद्देश्य छात्रों को रैगिंग जैसी गतिविधियों से सुरक्षित रखना और किसी भी शिकायत पर समय से कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
प्रशासन की ओर से छात्रों को निर्धारित नियमों का पालन करने और किसी भी तरह की परेशानी होने पर अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। हालांकि, 14 वर्षों में शिकायत नहीं मिलने के दावे के बीच शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को सुलभ और प्रभावी बनाए रखना भी जरूरी है, ताकि छात्र बिना किसी झिझक के अपनी समस्या बता सकें।
वर्जन
प्राचार्य डॉ. पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि छात्रों के लिए अनुशासित और सुरक्षित शैक्षणिक माहौल बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। रैगिंग के किसी भी मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। शिकायत मिलने पर जांच कर नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।