साथ ही, पार्क की हरियाली और ताजगी उनके मन को उत्साहित करेगी। पार्क के भीतर चार किमी. की लंबाई पैदल चलने के लिए है। साथ ही, अंदर आने वाले को भूल-भुलैया से बाहर आने के लिए अपना दिमाग भी लगाना होगा, क्योंकि यदि बिना दिमाग के वह चलेगा तो भटक जाएगा।
36 प्रकार के जापानी पद्धति से तैयार किए जाएंगे पौधे
पार्क में मियावाकी पद्धति (जापानी पद्धति) से 36 प्रकार के पौधों को रोपित किया जाएगा। इस पद्धति से पौधे लगभग 30 प्रतिशत की गति से बढ़ते हैं। उद्यान अधीक्षक डॉ. वीके सिंह ने बताया कि भूल-भुलैया पार्क को करीब पांच करोड़ रुपये से बनाया जाएगा।
पार्क में लगेंगे ये पौधे
इस पार्क में जामुन, शीशम, अशोक, पारस, पीपल, गूलर, मौलश्री, नासपाती, शहतूत, मेहंदी, तुलसी, अर्जुन, पिलखन, गोलमोहर, कैजुरिना, सुखजैन, फाइकस, टिकोमा, चंपा, बॉटल ब्रश, जैट्रोफा, बांस, कनेर, आडू आदि को लगाया जाएगा।