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बिरयानी मामला: मजार की बाउंड्री 14 तक गिराने का दिया अल्टीमेटम, डीएफओ ने किया निरीक्षण

Sun, 08 Sep 2019 09:16 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, महोबा
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मजार का निरीक्षण करने पहुंचे डीएफओ - फोटो : अमर उजाला
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महोबा के सालट गांव में मजार पर उर्स के मौके पर एक समुदाय के लोगों को खिलाई गई नानवेज बिरयानी को लेकर मचे बवाल के बाद रविवार को प्रभागीय वनाधिकारी रामजी राय ने गांव पहुंचकर मजार और बाउंड्री का निरीक्षण किया। निरीक्षण में वन विभाग की जमीन में बाउंड्री पाई गई।
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डीएफओ के आदेश पर वन क्षेत्रधिकारी चरखारी ने उर्स कार्यक्रम के आयोजक कल्लू पुत्र पीर मोहम्मद को नोटिस जारी कर 14 सितंबर तक बाउंड्री गिराने के आदेश दिए हैं। बाउंड्री न हटाए जाने पर विभाग उसे ध्वस्त कर निर्माणकर्ता के खिलाफ कार्रवाई करेगा। इस बीच, गांव में सांप्रदायिक सौहार्द को बचाने के लिए दोनों समुदाय के लोग आगे आ गए हैं।

 

बिरयानी वितरित करने वाले पप्पू मंसूरी ने सभी से माफी मांग ली। इस पर ग्रामीणों ने भी उसको माफ कर दिया। शिकायतकर्ता भी शिकायत वापस लेने को राजी हो गया है।  डीएफओ ने बताया कि जांच दौरान पता चला है कि दो साल पहले बाउंड्री बनाई गई है लेकिन मजार काफी पुराना है।

बाउंड्री वन विभाग की भूमि पर बनी है। इसकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। दो साल पहले बनी बाउंड्री अतिक्रमण की श्रेणी में आती है। डीएफओ के अनुसार, केवल बाउंड्री गिराने के आदेश दिए गए हैं। मजार बनी रहेगी। वहीं, ग्रामीणों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि बाउंड्री दो साल पहले बनाई गई लेकिन मजार बहुत पुरानी है।

 
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मजार से 300 मीटर की दूरी पर वन विभाग की पौधशाला बनी हुई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि बाउंड्री वन विभाग की जमीन पर बनी है। गौरतलब है कि 31 अगस्त को शेख पीर बाबा के उर्स के मौके पर राठ निवासी पप्पू मंसूरी ने मुराद पूरी होने पर बिरयानी बनवा दी थी। एक समुदाय के कुछ लोगों ने प्रसाद वितरण के दौरान बिरयानी खा ली।

बिरयानी को लेकर मचे बवाल के बाद 43 लोगों पर राजकुमार की तरफ से कोतवाली चरखारी में मुकदमा दर्ज कराया गया। पप्पू मंसूरी के माफी मांगने के बाद ग्रामीणों ने उसे माफ कर दिया। शिकायतकर्ता राजकुमार का कहना है कि इस मजार से दोनों समुदाय के लोगों की आस्था जुड़ी है। मजार न तोड़ी जाए यह सभी लोग चाहते हैं।
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