सूखी पड़ी पिंडार्थू-कांधी नहर। (संवाद)
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कानपुर देहात। जनपद के चार ब्लॉकों में अभी धान की कटाई का काम पूरा नहीं हो सका है। रजबहा समितियों के अध्यक्षों के अनुरोध पर नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया है। वहीं, सिकंदरा व राजपुर क्षेत्र में गेहूं बोआई के लिए पलेवा और अगेती गेहूं की सिंचाई का संकट बना है। अब 16 दिसंबर को बांध से पानी छोड़ा जाएगा, जो जिले में 19 दिसंबर तक सिंचाई के लिए उपलब्ध होगा।
रसूलाबाद, डेरापुर, झींझक व मैथा ब्लॉकों में धान की पैदावार अधिक होती है। सितंबर-अक्तूबर में हुई बारिश से खेतों में पानी भरने से धान की कटाई में विलंब हुआ है। अभी भी किसान धान की कटाई और झुराई करने में लगे हैं। इधर नहरों में पानी छोड़ने का वक्त होने पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने नौ रजबहा समितियों के अध्यक्षों की राय दो दिन पूर्व ली थी।
इसमें रजबहा समितियों की ओर से अभी नहर में पानी नहीं छोड़ने का अनुरोध किया है। इसको लेकर नहरों में पानी छोड़ने का निर्णय टाल दिया गया। अब 16 दिसंबर को बांध से पानी छोड़ा जाएगा। नहरों, माइनरों व रजबहा में करीब तीन दिन में पानी पहुंच पाएगा।
यानी कि 19 दिसंबर तक सिंचाई के लिए नहरों में पानी उपलब्ध होगा। इधर सिकंदरा व राजपुर में बीहड़ पट्टी होने की वजह से यहां धान की बोआई क्षेत्र कम है। यहां किसानों से अगेती गेहूं बोया है। अब गेहूं की फसल को सिंचाई की जरूरत है। वहीं खाली पड़े खेतों में किसान पलेवा कर गेहूं की बोना चाहते हैं, लेकिन नहर, रजबहा व माइनर सूखी पड़ी हैं।
रजबहा समितियों के अध्यक्षों के अनुरोध पर फिलहाल नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया है। 16 दिसंबर को पानी छोड़ा जाएगा तब तक धान कटाई का काम पूरा हो जाएगा। - सुरेंद्र कौशल, एक्सईएन सिंचाई