इटावा। हावड़ा-दिल्ली रेलवे ट्रैक सबसे व्यस्ततम मार्ग है। इसके बावजूद इटावा जंक्शन से छह घंटे के अंतराल में इटावा से दिल्ली के लिए कोई सीधी ट्रेन हैं। सुबह गोमती के निकलने के बाद यात्रियों को शाम साढ़े तीन बजे महानंदा मिलती है। इसी बीच कोई ट्रेन न होने से यात्रियों को दिल्ली की ट्रेन पकड़ने के लिए दूसरी ट्रेन या बस से टूंडला जंक्शन पर पहुंचते हैं। ऐसे में महिला, बुजुर्ग व परिवार समेत जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
हावड़ा-दिल्ली रेलवे ट्रैक पर अप-डाउन में 10 से 15 मिनट के अंतराल में 24 घंटे में 300 से अधिक ट्रेनें हैं। इसमें इटावा जंक्शन पर रुकने वाली ट्रेनों की संख्या करीब 93 हैं। इसमें दिल्ली के लिए दैनिक ट्रेनों में 12 ट्रेनें शामिल है। इसमें प्रमुख रूप से गोमती एक्सप्रेस, कैफियत एक्सप्रेस, नेताजी एक्सप्रेस, स्वर्ण शताब्दी आदि ट्रेनें संचालित हैं। सुबह साढ़े नौ बजे गोमती एक्सप्रेस निकलने के बाद साढ़े तीन बजे तक दिल्ली के लिए कोई ट्रेन नहीं है। साढ़े तीन बजे महानंदा एक्सप्रेस ट्रेन आती है। इसके बाद हर आधा घंटा व एक घंटे के अंतराल में दिल्ली के लिए ट्रेन हैं। इस दौरान छह के घंटे में दिल्ली के लिए कोई ट्रेन न होने से यात्रियों को परेशानी होती है। इस बीच उन्हें दिल्ली की ट्रेन पकड़ने के लिए टूंडला जाना पड़ता है। दिल्ली के लिए हर रोज जिले भर से पांच हजार लोग अप-डाउन करते हैं।