कानपुर। जाजमऊ और बेकनगंज के 66 संदिग्धों के बारे में पुलिस सुराग नहीं लगा सकी है। यह असम के बार्डर वाले पश्चिम बंगाल के गांव के रहने वाले हैं लेकिन उनका सत्यापन नहीं हो सका है। पुलिस अधिकारियों ने एक टीम को वहीं रुकने के निर्देश दिए हैं जबकि सोमवार को दूसरी टीम रवाना हो जाएगी। असम, झारखंड और बलरामपुर गई तीन अलग-अलग टीमें शुक्रवार देर रात लौट आई हैं। उन्होंने शहर में रह रहे वहां के लोगों का सत्यापन कर रिपोर्ट भेज दी है।
दिल्ली विस्फोट और डॉ. शाहीन का कानपुर कनेक्शन सामने आने के बाद शहर में स्लीपिंग मॉड्यूल और उनके सहयोगियों की जांच शुरू हो गई। विभिन्न जांच एजेंसियों ने प्रारंभिक जांच में शहर में एक हजार से अधिक लोगों के रोहिंग्या होने की आशंका जाहिर की। इस पर पुलिस, एलआईयू और खुफिया सक्रिय हो गई। थानास्तर पर इनकी जानकारी जुटाई गई जिसमें उनके असम के बरपेटा, उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले, झारखंड के बाकुड़ा जिले और पश्चिम बंगाल के होने का पता चला। चार टीमें नवंबर के आखिरी हफ्ते में रवाना कर दी गईं थीं।