गुरुनानक देव के 547वें प्रकाश पर्व पर बुधवार को मोतीझील परिसर में होने वाले लंगर की तैयारी में जुटे सेवादारों को देखकर लगा कि सेवाभाव कोई इनसे सीखे।
मंगलवार को बच्चे, बुजुर्ग, जवान और महिलाएं सभी शिद्दत से विभिन्न कामों में जुटे थे। कोई सब्जी धो-काट रहा थ्ाा तो कोई उन्हें करीने से किनारे रख रहा था। कोई आटा गूंथ रहा था तो कोई रोटियां बेल रहा था।
कोई बर्तन धो रहा था तो कोई वहां पर आ रहे श्रद्धालुओं के जूते-चप्पल उठाकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर रख रहा था। यह सब करते पूरा सिख समुदाय सुख और आनंद महसूस कर रहा था। वाकई, सेवा का ये नजारा शायद ही कहीं देखने को मिले। बुधवार को विभिन्न जाति-धर्म के लोग एक साथ बैठकर लंगर छकेंगे। ऐसी एकता की मिसाल और कहां।
मंगलवार को सुबह से मोतीझील में लंगर की तैयारियों का सिलसिला शुरू हुआ। ट्राली में भरकर गोभियां आईं तो उन्हें उतारने के लिए उत्साह के साथ सेवादार लग गए।
कुछ देर बाद आलू की बोरियां आईं तो उसे उठाकर पंडाल में रखने के लिए युवा सेवादार तत्पर रहे। सेवा के साथ-साथ शबद-कीर्तन से सेवादारों में जोश का संचार हो रहा था। सूरज ढलते ही चूल्हों पर भगौने चढ़ाए गए। किसी चूल्हे पर सब्जी पकने लगी तो किसी चूल्हे पर रोटियां सेंकने का काम शुरू हो गया। लंगर इंचार्ज मनजीत सिंह सागरी ने बताया कि लंगर बुधवार को सुबह 11 बजे से शुरू होगा।
अन्य समुदाय के लोग ज्यादा ‘प्रशादे’ लाते हैं
श्री गुरु सिंह सभा ने लंगर के दिन एक किलो आटे की रोटी ‘प्रशादे’ घर बनाकर लाने का आह्वान किया है। लंगर सेवादारों ने बताया कि सिख समुदाय के अलावा दूसरे समुदाय के लोग भी एक किलो आटे की रोटी बनाकर लाते हैं।
ढाई लाख छकेंगे लंगर
बुधवार को लगभग 2.50 लाख लोग लंगर छकेंगे। इसके लिए सिख संगत की तरफ से इंतजाम किए गए हैं। महिला और पुरुष पंडाल में 500-500 सेवादार लंगर खिलाएंगे। लंगर में आटा-150 क्विंटल, दाल- 50 क्विंटल, आलू-गोभी-50-50 क्विंटल, अचार- 5 टिन का इंतजाम किया गया है।