फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नहीं ख्याल, समस्याएं बरकरार

Mon, 18 Jul 2016 12:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
पनकी साइड़ 1 फैक्ट्री एरिया एच 1 पर गिरा पड़ा खंभा। - फोटो : amarujala
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरोकानपुर साउथ। औद्योगिक क्षेत्र पनकी की बदहाली दूर होने की दूर-दूर तक संभावना नजर नहीं आती। पनकी साइड नंबर एक की सौ से अधिक फैक्ट्रियों में घुसा पानी तो निकल गया लेकिन उद्यमियों की मुसीबत अभी कम नहीं हुई। सड़कों पर अभी भी पानी भरा हुआ है। नाले और नालियां गंदगी से पटी हैं। दो महीने पहले आंधी और बारिश में गिरे पोल अभी तक दुरुस्त नहीं हो सके। इसकी वजह से करंट फैलने का भी खतरा है। कारोबार पर भी असर पड़ रहा है। उद्यमियों ने शनिवार को प्रशासनिक अफसरों से मुलाकात भी की थी। इसके बाद भी कोई सुध नहीं ली गई। उद्यमियों ने अब सोमवार को बैठक बुलाई है।
विज्ञापन

शुक्रवार को हुई बारिश के कारण ईमा इंडिया लिमिटेड, स्वास्तिक इंडस्ट्रीज, ऐश्वर्या इलेक्ट्रिकल्स प्राइवेट लिमिटेड, भारत ऑयल कंपनी, यूएस इंजीनियर्स, निट फैब इंडस्ट्रीज, नवीन टेक्सटाइल एजेंसी, टेक्रोफार्मा प्राइवेट लिमिटेड, स्कोलास्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, इंडियन ऑयल कंपनी समेत सौ से ज्यादा फैक्ट्रियों में पानी भर गया था। इससे उत्पाद ठप हो गया था। फर्श पर पड़ा माल भी बर्बाद हो गया था। उद्यमियों ने बताया कि जलभराव ही यहां की अकेली समस्या नहीं है। सड़कें टूटी हुई हैं। बिजली भी नहीं मिलती। सरकार को करोड़ों रुपये राजस्व देने वाले पनकी और दादानगर इंडस्ट्रियल एरिया की हालत यह है कि दो महीने पहले आए आंधी बारिश में गिरे बिजली के पोल वैसे ही पड़े हैं। 33 हजार वोल्ट की लाइन के तार सड़क छू रहे हैं। दादानगर में अपट्रान स्टेट, साइड ए-वन, एच-वन समेत कई जगहों पर पानी भरा हुआ है।
आज करेंगे बैठक, डीएम से मुलाकात
आईआईए के महामंत्री आलोक अग्रवाल का कहना है कि दो दिन बाद भी यूपीएसआईडीसी और नगर निगम अफसरों ने क्षेत्र की सुध नहीं ली है। समaस्या जस की तस है। सोमवार को इसी मुद्दे पर उद्यमियों की बैठक बुलाई गई है। इसमें समस्या पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद डीएम से मुलाकात कर समस्याओं से अवगत कराया जाएगा।
विज्ञापन

उद्योग बंधु की बैठक में उठेगा मुद्दा
महामंत्री के मुताबिक औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याओं को अगले हफ्ते होने वाली उद्योग बंधु की बैठक में भी उठाया जाएगा। समस्या सालों पुरानी होने के बाद भी आज तक सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। इस बार आरपार की लड़ाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें