कानपुर देहात। जिले में पशुपालकों को बीमार मवेशियों के लिए सस्ती दवाएं मिल सकें इसके लिए पशु औषधि केंद्र खोलने के लिए आवेदन मांगे गए थे। एक माह बीतने के बाद भी कोई आवेदन नहीं आया हैं। किसी ने पशु औषधि केंद्र खोलने में रुचि नहीं दिखाई।
प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र में सस्ती जेनरिक दवाएं उपलब्ध हैं। इसका फायदा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को मिल रहा है। इसी की तर्ज पर पशुपालकों के लिए सहूलियत बढ़ाने की पहल कर पशु औषधि केंद्र खोलने की पहल प्रदेश सरकार की ओर से की गई। हर ब्लॉक में एक पशु औषधि केंद्र खोलने के लिए आवेदन मांगे गए। पशुपालन विभाग की ओर से कहा गया कि पशु औषधि केंद्रों पर बीमार पशुओं के लिए सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराई जाएगी। पांच हजार रुपये पंजीयन शुल्क के साथ पोर्टल पर आवेदन मांगे गए थे। इधर एक माह बीतने के बाद भी जिले के किसी ब्लॉक में पशु औषधि केंद्र खोलने के लिए कोई आवेदन नहीं आया है।
सीवीओ डॉ. सुबोध कुमार बर्नवाल ने बताया कि निजी पशु औषधि केंद्रों पर बीमार पशुओं की दवाएं महंगी है। सरकारी अस्पतालों में सभी दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में पशु औषधि केंद्रों पर सस्ती व गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध होंगी तो इसका फायदा पशुपालकों को मिलेगा। आवेदन मांगे गए थे। अब तक किसी का आवेदन नहीं मिला है। अभी भी मौका है यदि कोई इच्छुक है तो पशुपालन विभाग के पोर्टल पर आवेदन कर सकता है।