शनिवार को हुए ज्वाइंट एंट्रेंस टेस्ट (जेईई) मेन 2015 के फिजिक्स और मैथमेटिक्स में तीन क्वेश्चन गलत पूछे गए। पेपर कोड-ए के क्वेश्चन नंबर 15, 77 और 86 के आंसर सही नहीं आ रहे हैं। फिजिक्स के थ्योरिटेकल क्वेश्चन के दो आंसर आ रहे हैं। यह दावा कोचिंग संचालकों ने पेपर का अध्ययन करने के बाद किया है।
मैथमेटिक्स के प्रॉबेबिलिटी के क्वेश्चन पर भी सवाल खड़े किए हैं। हर क्वेश्चन चार मार्क्स का है। हालांकि सीबीएसई ने गलती मानने से इंकार किया है। कहा है कि अभी समीक्षा बाकी है। जो गलती होगी, सुधार किया जाएगा। स्टूडेंट्स का नुकसान नहीं होगा। जेईई मेन का पेपर शनिवार को हुआ था।
स्टूडेंट्स और कोचिंग संचालकों ने रविवार को पूरे 90 क्वेश्चन का अध्ययन किया। फिर गलत क्वेश्चन का ब्यौरा जारी किया है। कोचिंग संचालकों के मुताबिक क्वेश्चन नंबर 15 फिजिक्स का है, जिसके दो आंसर (विकल्प 3, 4) आ रहे हैं। इलेक्ट्रो स्टैटिक्स का यह आंसर उलझाने वाला रहा है।
इससे स्टूडेंट्स कंफ्यूज हुए और क्वेश्चन का सही विकल्प नहीं चुन सके। क्वेश्चन नंबर 77 मैथमेटिक्स का है, जिसका कि डिफरेंशियल एक्वेशन गलत निकाला गया है। एक्स की जो वैल्यू डिफाइन की गई है, वह सही नहीं आ रही है। मैथमेटिक्स का क्वेश्चन नंबर 86 भी गलत है।
प्रॉबेबिलिटी का यह क्वेश्चन फंडामेंटली रांग है। इसमें आइडेंटिकल को डिफाइन करने को कहा गया है, जो कि संभव नहीं है। डिफरेंस से डिफाइन किया जा सकता है। दरअसल, एग्जामिनर ने आइडेंटिकल और डिफाइन का अंतर नहीं समझा है।
भाभा क्लासेस, आकाश कोचिंग इंस्टीट्यूट और फिटजी ने जो आंसरशीट जारी की है, उसमें तीन या उससे ज्यादा क्वेश्चन गलत बताए गए हैं।
पेपर का अध्ययन किया जा रहा है। गलती होगी तो उसे सुधारा जाएगा। स्टूडेंट्स का किसी भी कीमत पर नुकसान नहीं होने देंगे। गलती सुधारने का फार्मूला सीबीएसई ने पहले से तय कर रखा है।
- भास्कर गैंटी, कोआर्डिनेटर, सीबीएसई
मैथमेटिक्स के दो क्वेश्चन गलत पूछे गए। इन्हें हल करने में स्टूडेंट का काफी समय गया है लेकिन सही आंसर नहीं आ सका है। फिजिक्स का एक क्वेश्चन भी गलत पूछा गया है। एक क्वेश्चन के दो आंसर आ रहे हैं।
महेश चौहान, एक्सपर्ट मैथमेटिक्स
कुछ क्वेश्चन चैप्टर से बाहर के आए हैं। जैसे कौन सा विटामिन वॉटर सॉलवेल है? यह बायोलॉजी से संबंधित है लेकिन पूछा केमिस्ट्री में है। पेंट और लिकर में क्या अंतर है, इसका भी केमिस्ट्री से बहुत ज्यादा लेना देना नहीं है। इस बार मेरिट नीचे जाएगी।
- संजय चौहान, एक्सपर्ट केमिस्ट्री
फिजिक्स टफ रहा है। 70 फीसदी क्वेश्चन 12वीं से लिए गए थे और शेष 11वीं कक्षा के थे। 12वीं की फिजिक्स टफ रहती है। जिन स्टूडेंट्स ने रेग्युलर पढ़ाई और प्रैक्टिस की थी, वही पेपर हल कर सके हैं। मार्किंग टफ होने से कटऑफ सूची के नीचे आने की संभावना है।
- अनीस श्रीवास्तव, एक्सपर्ट फिजिक्स