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Kanpur News: शिव-सिद्ध योग में 25 को निर्जला एकादशी, एक व्रत से 24 एकादशियों का मिलता फल

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कानपुर। भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित निर्जला एकादशी का व्रत इस वर्ष 25 जून गुरुवार को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह एकमात्र ऐसा व्रत है जिसके पालन से वर्षभर की सभी 24 एकादशियों के समान पुण्य प्राप्त होता है। इस बार शिव योग और सिद्ध योग के शुभ संयोग में व्रत का महत्व और बढ़ गया है।
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ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुमार द्विवेदी के अनुसार एकादशी तिथि 24 जून की शाम 6:13 बजे से प्रारंभ होकर 25 जून रात 8:09 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर व्रत 25 जून को रखा जाएगा। सुबह 10:54 बजे तक शिव योग रहेगा जिसके बाद सिद्ध योग का संयोग बनेगा। इन योगों में भगवान विष्णु की पूजा, मंत्रजप, व्रत और दान का विशेष महत्व बताया गया है।

निर्जला एकादशी को भीमसेनी एकादशी भी कहा जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार महाबली भीमसेन सभी एकादशियों का व्रत नहीं कर पाते थे तब महर्षि वेदव्यास ने उन्हें केवल निर्जला एकादशी का व्रत करने की सलाह दी थी जिससे उन्हें सभी एकादशियों का फल प्राप्त हो सके।
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ज्योतिर्विद पवन तिवारी ने बताया कि इस व्रत में सूर्योदय से अगले दिन द्वादशी तक अन्न और जल का पूर्ण त्याग किया जाता है इसलिए इसे कठिन व्रतों में माना जाता है। स्वास्थ्य कारणों से असमर्थ लोग पूजा, जप और दान से भी पुण्य प्राप्त कर सकते हैं। इस दिन जल से भरा कलश, छाता, वस्त्र, फल और अन्न का दान विशेष फलदायी माना गया है। ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र जप और विष्णु सहस्रनाम का पाठ अत्यंत शुभ बताया गया है।
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