तमिलनाडु से कलक्ट्रेट पहुंची युवतियां
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यूपी के हमीरपुर जिले से प्रशिक्षण और जॉब के लिए तमिलनाडु के कोयंबटूर भेजे गए युवक और युवतियां गुरुवार को लौट आए हैं। इन लोगों ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर आरएसडब्लूएम की प्रबंधक पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके अलावा कोतवाली में भी तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
उप्र कौशल विकास मिशन केंद्र से प्रशिक्षण और जॉब के लिए भेजे तमिलनाडु के कोयंबटूर भेजे गए एक युवक और नौ युवतियां गुरुवार को मुख्यालय पहुंची। इन लोगों ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन साैंपकर आपबीती बताई। सौम्या खरे, सान्या, आराधना, वंदना, निधि, अनीता, निर्मला देवी, वर्षा देवी, सपना और हरीशंकर ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट रावेंद्र सिंह को बताया कि उप्र कौशल विकास मिशन केंद्र से झूठ बोलकर उन्हें तमिलनाडु भेजा गया। बताया कि आरएसडब्लूएम की प्रबंधक व केंद्र में प्रशिक्षण का कार्य देख रही प्रीती सचान निवासी घाटमपुर ने उन्हें प्रशिक्षण दिया।
जॉब के नाम पर 10-10 हजार रुपये भी वसूला। तमिलनाडु भेजने से पहले आश्वासन दिया कि वहां अच्छा वेतन, खाना और आठ घंटे का जॉब मिलेगा। आरोप लगाया कि तमिलनाडु में उन्हें बंधक बनाकर रखा गया। 12-12 घंटे हेल्पर का कार्य कराया गया। अच्छा भोजन न मिलने से तबियत भी खराब हो गई। इतना ही नहीं उपचार भी नहीं कराया। उन्होंने जब इसकी शिकायत प्रीती सचान से की तो मोबाइल पर अभद्रता कर गाली गलौज की। मजिस्ट्रेट ने जांच कराने का आश्वासन दिया।