कन्नौज जिले में नगर निकाय चुनाव में नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। नाम वापसी के बाद सभी को चुनाव लड़ने के लिए प्रतीक चिह्न भी मिल गया है। अब यह साफ हो गया है कि अब मैदान में कौन-कौन हैं। टिकट न मिलने से नाराज होकर बगावत का झंडा उठाने वाले कई अहम चेहरों ने नेताओं की मान-मनौव्वल का मान नहीं रखा। नाम वापसी के दिन सभी की निगाह लगी थी।
हर बार की तरह इस बार भी नगर निकाय चुनाव में कमोबेश सभी सियासी पार्टियों को अपनों की बगावत से ही जूझना पड़ रहा है। काफी समय से तैयारी करने के बाद भी टिकट न मिलने से नाराज होकर उन्होंने या तो निर्दलीय या फिर पार्टी बदलकर मैदान में ताल ठोक दिया है। हालांकि नामांकन के बाद उन्हें मनाने का खूब जतन हुआ। बड़े सियासी चेहरे उनके दरवाजे तक पहुंचे। मनाने की कोशिश की गई। भविष्य में बेहतर का हवाला देकर मनुहार की गई लेकिन जनता के समर्थन से चुनाव लड़ने का हवाला देकर बागी तेवर वालों ने एक नहीं सुनी। हालांकि कुछ ने आश्वासन दिया, लेकिन नाम वापसी के दिन वह अपना दावा वापस लेने नहीं पहुंचे। इसी के साथ तय हो गया है कि जनता के बीच जाने के दौरान पार्टियों को प्रतिद्वंदी चेहरों के साथ ही अपनों की बगावत से भी जूझना होगा।
यह हैं प्रमुख चेहरे, जिन्होंने कर रखी है बगावत
- कन्नौज नगर पालिका से निर्वतमान पालिकाध्यक्ष शैलेंद्र अग्निहोत्री ने सीट महिला आरक्षित होने पर अपनी मां मीना देवी के लिए भाजपा से टिकट मांगा। नहीं मिलने पर निर्दलीय ही मैदान में हैं।
- कन्नौज नगर पालिका से ही योगी सेना के नेता पवन पांडेय ने भी काफी समय से तैयारी की थी। भाजपा से टिकट मांगा था। नहीं मिलने पर पत्नी आकांक्षा पांडेय को मैदान में उतार दिया है।
- छिबरामऊ नगर पालिका से पिछला चुनाव भाजपा के ही टिकट से जीते निर्वतमान पालिकाध्यक्ष राजीव दुबे केे इस बार टिकट नहीं मिला। वह निर्दलीय ही मैदान में डटे हैं।
- तिर्वा नगर पंचायत में भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष विनोद गुप्ता ने पार्टी की घोषित प्रत्याशी मिताली गुप्ता के खिलाफ अपनी पत्नी व मौजूदा अध्यक्ष मीरा गुप्ता को निर्दलीय ही मैदान में उतारा है।
- तिर्वा नगर पंचायत में भाजपा नेता प्रभात वर्मा उर्फ लालू ने अपनी पत्नी विनीता को बसपा के टिकट से मैदान में उतारा है। प्रभात पिछला चुनाव खुद भाजपा से ही लड़े थे।
- तालग्राम नगर पंचायत में सपा से टिकट नहीं मिलने पर पूर्व चेयरमैन दिनेश यादव ने भी बागी तेवर अपनाया। पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ वह भी निर्दलीय ही मैदान में डटे हैं।
इन्हें टिकट मिला, आखिरी समय में पार्टी को ही दे दिया दांव
एक तरफ टिकट न मिलने से नाराज होकर कई चेहरे बागी बने हुए हैं, वहीं दो चेहरे ऐसे हैं, जिन्हें उनकी पार्टी ने उम्मीदवार भी बनाया और उन्होंने बाकायदा नामांकन भी किया। आखिरी दिन पार्टी को झटका दे दिया। सौरिख नगर पंचायत में अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस के घोषित उम्मीदवार पृथ्वीनाथ ने आखिरी दिन अपना नाम वापस ले लिया। इससे पार्टी को गहरा झटका लगा। इसी तरह तालग्राम नगर पंचायत सीट से बसपा के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार घोषित किए गए सलमान सिकंदर ने भी नाम वापस ले लिया। इन दिनों का यह बागी दांव भी पार्टी को भारी पड़ गया है।