चित्रकूट जिले के अमृतपुर में सीएफओ (चीफ फॉरेस्ट ऑफिसर) ने मंगलवार को गांव पहुंच कर तेंदुआ के पंजों के निशान देखे और पेड़ों पर नाइट विजन कैमरे लगवाए। डीएफओ को निर्देश दिए कि ग्रामीणों को मुखौटे बांटे जाएं।
कोई भी ग्रामीण खुले में शौच करने न जाए। पंजों के निशान से शेर होने का अनुमान लगाया जा रहा है। तहसील क्षेत्र के गांव उदयपुर कंचनपुर में कई दिनों से तेंदुआ का आतंक है। सोमवार को एक ग्रामीण पर तेंदुए के हमले के बाद से ग्रामीण खेतो में जाने से कतराने लगे हैं।
तेंदुआ पर नजर रखने के लिए कानपुर के क्षेत्रीय वन अधिकारी लल्लू सिंह ने गांव पहुंचकर नाइट विजन कैमरे पेड़ों और बिजली के पोलों पर लगाए। इससे पता चल जाएगा की कितने क्षेत्र में तेंदुए का आना जाना है।
ये भी पता लगेगा कि तेंदुआ ही है या और कोई जानवर। उधर, तेंदुआ अब तक न पकड़ में न आने की जानकारी डीएफओ पीके उपाध्याय ने उच्च अधिकारियों को दी थी। इसके बाद कानपुर से आए डॉ. आर के सिंह ने मंगलवार को सुबह 7 बजे गांव पहुंच कर तेंदुआ के पंजों के निशान देखे।