खुद को आई सर्जन बताते हुए नजदीकी बनाई
इनमें ही ठगी की रकम भिजवाते थे। डीसीपी ने बताया कि एक सितंबर को बगाही निवासी महिला ने बाबूपुरवा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। बताया था पहले ठग ने इंटाग्राम के जरिये खुद को आई सर्जन बताते हुए नजदीकी बनाई। फिर आईफोन, लैपटॉप, घड़ी, इंगेजमेंट रिंग, ज्वैलरी और 65 हजार स्टेरलिन पाउंड देने की बात कही।
पार्सल छुड़ाने के लिए गूगल पे से पैसे डाल दिए
11 सितंबर को एक शख्स की कॉल आई। कॉल करने वाले शख्स ने खुद को कस्टम ऑफिसर बताते हुए कहा कि आपके नाम से पार्सल आया है। उसे छुड़ाने के लिए 5.50 लाख रुपये खाते में डालने होंगे। उन्होंने झांसे में आकर गूगल पे से पैसे डाल दिए। पार्सल न आने पर बाबूपुरवा थान में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इंस्टाग्राम पर फेंक एकाउंट बनाकर की थी दोस्ती
महिला ने बताया कि कुछ माह पहले उसका परिचय इंस्टाग्राम के जरिये खुद को एलेक्स जाॅनसन बताने वाले शख्स से हुई थी। उसने खुद को आंख का डॉक्टर बताया और इटली का रहने वाला बताया। दोनों एक दूसरे का पसंद करने लगे। इसके बाद दोनों में व्हाट्सएप चैटिंग और बात होने लगी। पूछताछ में नाइजीरियन ने बताया है कि उसने फर्जी आईडी बनाकर दोस्ती की थी।
खुलासा करने वाली टीम को 30 हजार इनाम
ठगों को पकड़ने वाली पुलिस टीम को पुलिस कमिश्नर ने 30 हजार रुपये का इनाम दिया है। इनाम पाने वालों में इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह, एसआई हरेंद्र कुमार, हेड कांस्टेबल जितेंद्र सिंह, कांस्टेबल संदीप कुमार, जितेंद्र सिंह, प्रवीन कुमार शामिल हैं।
पासपोर्ट और वीजा समेत अन्य दस्तावेज खो गए हैं
डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल ने बताया कि नाइजीरियन युवक चाल साल से दिल्ली में रह रहा है। दावा है कि उसका पासपोर्ट और वीजा समेत अन्य दस्तावेज खो गए हैं। जिसके चलते वह दिल्ली में ही रहकर ठगी करता था। इससे पहले भी पुलिस ने जितने नाइजीरियन ठगों को पकड़ा है। वह सभी नाइजीरियन युवक अवैध रूप से देश में रहते मिले हैं।