सर्किट हाउस में विकास कार्यों की समीक्षा करते अफसर
कानपुर के नोडल अफसर और अपर मुख्य सचिव आलोक सिन्हा अपने हर दौरे पर नए-नए आदेशों के लिए मशहूर हो रहे हैं। ट्रैफिक सुधार से लेकर विकास के मसले पर लंबी-लंबी बैठकों और बेअसर आदेशों के बीच अब उन्हें रात में शहर की सड़कों पर खड़ी होने वाली गाड़ियां खटकने लगी हैं। शुक्रवार को सर्किट हाउस में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में उन्होंने नगर निगम अफसरों को निर्देश दिए कि रात में सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थलों पर गाड़ियां खड़ी करने वालों से शुल्क वसूला जाए। हालांकि गंगा में अब भी जाते नालों, ध्वस्त ट्रैफिक व्यवस्था, रोज सिविल लाइंस में भरता सीवर, उखड़ी सड़कों और अन्य जनसमस्याओं पर उनका ध्यान नहीं गया।
नोडल अफसर की इस बैठक में भी हर बार की तरह बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था का मुद्दा हावी रहा। बैठक शुरू होते ही उन्होंने ट्रैफिक व्यवस्था सुधार के संबंध में दिए गए निर्देशों पर प्रगति की जानकारी ली। अपर नगर आयुक्त अमृत लाल बिन्द से कहा कि नगर निगम के सार्वजनिक स्थलों व नगर निगम क्षेत्र के अन्य स्थलों पर रात में अनाधिकृत रूप से पार्किंग करने पर शुल्क लगाकर वसूली कराएं। सुबह-शाम (पीक ऑवर) सड़कों पर वाहनों की संख्या बढ़ जाती है। एनसीसी और एनजीओ से सहयोग लेकर सुबह 9 से 11 बजे और शाम को 5 से 8 बजे तक यातायात संचालित कराएं। अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिसकर्मियों और होमगार्ड की ड्यूटी लगाई जाए। डीएम विजय विश्वास पंत ने बताया कि 10 चौराहों के ट्रैफिक संचालन की कंट्रोल रूम के जरिए मानीटरिंग की जा रही है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता आरके सिंह ने चौराहा सुधार की प्रगति बताई। ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई कर 50 लाख रुपया जुर्माना वसूल करने की जानकारी दी गई।
सिन्हा ने एसपी ट्रैफिक सुशील कुमार से कहा कि यदि मोटर वेहिकल (एमवी) एक्ट में प्रावधान हो तो यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों का तीन बार चालान होने के बाद लाइसेंस निरस्त कर दें। सिन्हा ने अपर नगर आयुक्त को नाला सफाई के लिए बरसात का इंतजार न करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नाला सफाई के लिए अभी से टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दें। लोगों को सस्ती दरों पर दवाएं मिलें। इसके लिए डॉक्टर जनऔषधि केंद्रों में उपलब्ध दवाएं लिखें। स्वाइन फ्लू के संबंध सभी जरूरी बंदोबस्त के निर्देश दिए। अस्पतालों में सॉलिड व मेडिकल वेस्ट के निस्तारण की व्यवस्था के निर्देश दिए।
बिधनू को करें कुपोषण मुक्त
अपर मुख्य सचिव ने बिधनू ब्लॉक को कुपोषण मुक्त करने के लिए कार्ययोजना और कुपोषित बच्चों व गर्भवती महिलाओं की सूची तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत एनजीओ को एक जिला, एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना में पर्स, बेल्ट व चमड़े से संबंधित अन्य उत्पादों को बनाने का प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से अध्यापकों की उपस्थिति में सुधार होने तथा अच्छे विद्यालयों एवं कक्षावार गुणवत्ता के अनुसार बच्चों को चिह्नित करने के काम पर प्रसन्नता व्यक्त की। बैठक में एसएसपी अनंत देव तिवारी, सीडीओ अक्षय त्रिपाठी, सीएमओ डॉ. एके शुक्ला आदि अधिकारी रहे।
कागजों तक सीमित बीती बैठक के निर्देश
अपर मुख्य सचिव ने बीती बैठक में ट्रैफिक सुधार के लिए कड़े फैसले लेने के निर्देश दिए थे। उन्होंने एक साथ सभी क्षेत्रों में ट्रैफिक सुधार की योजनाएं लागू करने के बजाय मुख्य सड़कों की एक-दो लेन और एक-दो प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सुधार करने, सड़कों के किनारे खड़े वाहनों का लगातार चालान करने की बात कही थी। मल्टी लेवल पार्किंग के आसपास बाजारों में सड़क पर किसी भी हाल में वाहन न खड़े हो पाएं, पैदल यात्रियों का भी चालान करने के निर्देश दिए थे लेकिन वे पूरे नहीं हुए हैं। नवीन मार्केट मल्टी लेवल पार्किंग की आसपास ही लोग सड़कों पर वाहन खड़ा कर रहे हैं। चौराहों पर अतिक्रमण बरकरार है। ई-रिक्शा, टेंपो, डग्गामार वाहनों की धमाचौकड़ी पहले की तरह है। चौराहों पर जाम लगना रोज की बात है। अफसरों ने कॉरीडोर बनाकर ट्रैफिक सुधार के जो दावे किए थे, वह अभी फाइलों से नहीं निकल सके हैं।