प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बनाए जा रहे फ्लैटों के आवंटियों को इसके रखरखाव का शुल्क चुकाना होगा। यह प्रोजेक्ट यूपी अपार्टमेंट एक्ट-2010 के दायरे में आएंगे। आवंटियों को फ्लैटों के निर्धारित मूल्य 4.50 लाख रुपये की एक-एक फीसदी धनराशि मेंटेनेंस और कारपस फंड के लिए देनी होगी।
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यानी नौ हजार रुपये यहां रहने वाले लोगों को पहले चुकाने होंगे। निवासियों द्वारा रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन बनाया जाएगा, जिसके खाते में यह राशि डाली जाएगी। इसी राशि से बिल्डिंग आदि का रखखाव एसोसिएशन ही करेगा।
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शहर में केडीए ने दिसंबर 2019 तक 21,840 फ्लैट बनाने की तैयारी की है। दस हजार फ्लैट दिसंबर 2018 तक बन भी जाएंगे। इन फ्लैटों के लिए आवेदन और पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है। रखरखाव के अभाव में इन फ्लैटों का हाल कांशीराम आवास योजना जैसा न हो जाए, अधिकारियों को यह चिंता सता रही थी। इसलिए मेंटेनेंस और कारपस फंड लेने की व्यवस्था की गई है। साथ ही 300 फ्लैटों के बीच तीन दुकानें भी बनाई जाएंगी। इनका किराये और पगड़ी का राशि भी रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के फंड में जाएगी।
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केडीए को राहत
शासन ने केडीए को राहत देते हुए पीएम आवास के प्रोजेक्टों में सभी विभागों को अपने फंड से काम कराने के निर्देश जारी किए हैं। प्रमुख सचिव (आवास) नितिन रमेश गोकर्ण के आदेश अनुसार प्रोजेक्ट की अप्रोच रोड पीडब्ल्यूडी, पौधरोपण वन विभाग, नाले को जोड़ने वाली ट्रंक ड्रेन, सीवर नगर निगम, पानी की व्यवस्था जल निगम, केस्को विद्युत के काम कराएगा।
योजना में स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र भी होंगे। इन्हें दो या तीन मंजिला तक बनाया जाएगा। संबंधित विभाग इनमें सभी सेवाएं देंगे। केडीए इसके लिए जमीन निशुल्क उपलब्ध कराएगा। साफ-सफाई की जिम्मेदारी नगर निगम उठाएगा।