कानपुर में केडीए की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना के पहले चरण का ड्रा करने के बाद लोगों को दो लाख रुपये में फ्लैट मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। इसके चलते ही दूसरे चरण के फ्लैटों के आवेदन में मारामारी की स्थिति बन रही है। इसके साथ दलाल और अनधिकृत रूप से कालोनियां काटने वाले भी सक्रिय हो गए हैं।
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डेमो पिक
इन लोगों ने पीएम आवास के आवेदनकर्ताओं की सूची निकाल ली है। उसमें दर्ज नाम, पता और मोबाइल नंबर के जरिए लोगों से उगाही के खेल जारी है। आवेदनकर्ताओं के नाम की सूची फर्जी तरीके से बनाई जाती है।
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आवेदनकर्ता के पते पर पहुंचकर सूची में नाम दिखाने के एवज में 100 रुपये से लेकर 500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। अवैध रूप से कालोनी काटने वालों के साथ ही कई बिल्डरों ने भी आवेदनकर्ताओं का डाटा ले लिया है। उनको फोन कर प्रधानमंत्री आवास योजना बताकर प्रॉपर्टी बेचने की कोशिश हो रही है। कुछ लोग इसकी शिकायत केडीए में भी कर चुके हैं।
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झांसे में न आएं, बैंक में ही जमा करें पैसे
इन शिकायत पर केडीए ने लोगों के लिए सलाह जारी की है। केडीए के जनसंपर्क अधिकारी एसबी राय ने लोगों को सलाह दी कि वह बैंक से ही फार्म लें और बैंक में ही जमा करें। बैंक के अलावा किसी को भी पैसे न दें। ड्रा के जरिए ही फ्लैट मिलेगा। प्राधिकरण ने अभी तक पीएम आवास के प्लाटों की कोई योजना नहीं निकाली है।
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ड्रा की सूची अभी नहीं तैयार
राय ने बताया कि 21 से 23 जनवरी के बीच मोतीझील में हुए पीएम आवास के फ्लैटों के ड्रा में सफल आवेदकों की सूची अभी तैयार नहीं हुई है। इसलिए यदि कोई सूची दिखा रहा है तो वह फर्जी है। जल्द ही सफल आवेदकों की सूची केडीए की वेबसाइट और प्राधिकरण परिसर में चस्पा की जाएगी।
केस-1
आपका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना में शामिल हो गया है। बैंक में आवेदन कर पांच हजार रुपये जमा करने होंगे। इसके बाद फ्लैट मिलने पर अलग से 15 हजार रुपये देने होंगे। यशोदा नगर निवासी बउआ मिश्रा को बीते सप्ताह फोन कर फ्लैट दिलाने का वादा किया गया।
केस-2
गोपाल नगर निवासी आशीष तिवारी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन किया था। उनके पास निजी बिल्डरों की ओर से फोन आ रहे हैं। फोन करने वाले उन्हें योजना में फ्लैट के बदले प्लाट लेने की बात कह रहे हैं। सोसाइटी क्षेत्र में स्थित प्लाटों को पीएम आवास के नाम पर बेचा जा रहा है।
केस-3
जूही निवासी चंदादेवी को एक फर्जी सूची दिखाकर बताया गया कि उनका नाम पीएम आवास देने के लिए चुन लिया गया है। सूची में नाम दिखाने के बदले उनसे 300 रुपये झटक लिए गए।