शहर में आर्डनेंस फैक्ट्री कानपुर (ओएफसी), फील्डगन, लघु शस्त्र निर्माणी (एसएएफ) इंजीनियरिंग क्षेत्र की निर्माणियां हैं। यहां पर तकनीक स्टाफ की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। इन इकाइयों में तोप, रिवाल्वर, मशीनगन आदि बनाए जाते हैं। वहीं, ओईएफ और ओपीएफ क्लोथिंग ग्रुप की इकाइयां हैं। यहां कपड़े और चमड़े से जुड़े उत्पाद जैसे पैराशूट, जूता, टेंट आदि बनाए जाते हैं। सूत्रों ने बताया कि इन सभी निर्माणियों में बीते कई साल से नई नियुक्तियां नहीं की जा रही हैं, जबकि प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
इसके अलावा निर्माणियों में नए-नए उत्पाद निर्माण की रूपरेखा तैयार की जा रही है। ऐसे में बड़ी संख्या में तकनीक में दक्ष युवाओं की आवश्यकता है। सूत्रों ने बताया कि कानपुर समेत पूरे देश की निर्माणियों में लंबे समय से नियुक्ति प्रक्रिया लटकी पड़ी थी। कई निर्माणियों के रिजल्ट कुछ कारणों से रोककर रखे गए थे। इसी में ओएफसी में 400 नियुक्तियां भी रुकी पड़ी थी। अब इन सभी नियुक्तियों को खोल दिया गया है।