कानपुर के हैलट के न्यूरो साइंसेज के वार्ड नंबर चार के बेड नंबर 25 पर भर्ती रोगी रुखसार आयुष्मान लाभार्थी हैं। उसे कुछ दवाएं तो अस्पताल से मिल जा रही हैं लेकिन कुछ बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। कभी-कभी इसमें वीगो भी शामिल होता है।
रोगी का इलाज डॉ. राघवेंद्र गुप्ता कर रहे हैं। रोगी के भाई जाने आलम का कहना है कि कुछ दवाएं तो अस्पताल से मिल जा रही हैं और कुछ को हैलट के अंदर चल रहे मेडिकल स्टोर और कुछ दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ती हैं।