भगवान विष्णु 12 जुलाई को योग निद्रा में चले जाएंगे और इसके साथ ही सभी मांगलिक कार्यक्रम वर्जित हो जाएंगे। इसके बाद 8 नवंबर को देवोत्थानी एकादशी पर भगवान के वापस आने पर मांगलिक कार्यक्रम शुरू होंगे। इस दौरान धार्मिक और व्यावसायिक कार्यक्रम होते रहेंगे। इसमें पौधरोपण, पूजा पाठ, रुद्राभिषेक आदि शामिल हैं।
पंडित केए दुबे पद्मेश और डॉ. आदित्य पांडेय ने बताया कि 12 जुलाई को देवशयनी एकादशी है। इस दिन से हिंदुओं में मांगलिक कार्यक्रम वर्जित होंगे। ऐसी मान्यता है कि ये चार मास भगवान विष्णु के आराम के हैं और वह क्षीर सागर में योग निद्रा में चले जाते हैं। जिसके चलते शुभ विवाह आदि मांगलिक कार्यक्रम नहीं होंगे।