समाजवादी 108 एंबुलेंस सेवा के चालकों की उगाही के चलते दो प्रसूताएं करीब दो घंटे तक नवजात बच्चों के साथ सीएचसी परिसर के मैदान में पड़ी रहीं। यह देखकर क्षेत्रीय लोगों ने हंगामा किया और सीएचसी के अधीक्षक से शिकायत की।
वहीं, सीएचसी अधीक्षक ने एंबुलेंस सेवा पर उनका नियंत्रण न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। विकासखंड मलासा के सिथरा-रामपुर निवासी विद्यावती ने बताया कि मंगलवार को पुत्रवधु पिंकी का प्रसव सीएचसी में कराया गया था।
बुधवार दोपहर उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। पति जितेंद्र ने 108 डायल कर एंबुलेंस को सूचित किया। करीब दो घंटे बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंची। विद्यावती का आरोप है कि एंबुलेंस चालक ने रुपये की मांग की, परिजनों ने जब इसका विरोध किया तो वह उन्हें छोड़कर चल गया। यह देख वहां मौजूद लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया।
विरोध देखकर आए एक दूसरे एंबुलेंस ने उन्हें घर पहुंचाया। इसी प्रकार बिरमा निवासी मिथिलेश कुमारी ने बताया कि बुधवार को ही उनकी पुत्रवधू पूजा को प्रसव के बाद दोपहर में डिस्चार्ज किया गया।
एंबुलेंस का ड्राइवर उगाही को लेकर टालमटोल करता रहा। एक घंटे खुले मैदान में बिताने के बाद दूसरी एंबुलेंस आने पर उसे घर ले जाया गया। इस बाबत सीएचसी के अधीक्षक डॉ. आरसी यादव ने बताया कि 108 एंबुलेंस उनके नियंत्रण में नहीं हैं। उनको फोन कर स्वयं बुलाना पड़ता है। शिकायत मिलने पर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।