जीएसटी के रिटर्न दाखिल करने के लिए नए वित्तीय वर्ष में नया सरल फार्म जारी किया जाएगा। यह फार्म अप्रैल से प्रभावी होगा। इसके बाद जीएसटी के रिटर्न दाखिल करना और आसान हो जाएगा। यह जानकारी टैक्स मामलों के वरिष्ठ सलाहकार एडवोकेट संतोष कुमार गुप्ता ने आयकर भवन में दी।
यहां कानपुर इनकम टैक्स बार एसोसिएशन (किटबा) की ओर से जीएसटी के नए बदलावों पर गोष्ठी थी। किटबा की जीएसटी कमेटी के चेयरमैन संतोष कुमार गुप्ता ने बताया कि जीएसटी रिटर्न फार्म 3बी, फार्म-1 में दाखिल करने की तिथि बढ़ा दी गई है। लेट फीस भी माफ कर दी गई है। जीएसटी के वार्षिक रिटर्न दाखिल करने की तिथि मार्च 2019 से जून 2019 कर दी गई है।
रिफंड के दावों और निस्तारण की प्रक्रिया में भी संशोधन किया जा रहा है। गोष्ठी के दूसरे सत्र में सीए मलय गुप्ता ने बताया कि समाधान योजना अब सेवा के क्षेत्र में भी लागू होगी। 50 लाख रुपये तक सालाना टर्नओवर वाले सेवा प्रदाता इसका लाभ उठा सकेंगे। यह योजना भी एक अप्रैल से प्रभावी होगी। समाधान वाले व्यापारी अब तिमाही रिटर्न दाखिल करने की बाध्यता से मुक्त किए जा रहे हैं।
वित्तीय वर्ष में सिर्फ एक रिटर्न दाखिल करना होगा, लेकिन जीएसटी की धनराशि हर तीन महीने में जमा करनी होगी। मलय गुप्ता ने बताया कि पंजीयन सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 40 लाख की जा रही है, लेकिन सेवा क्षेत्र में यह सीमा 20 लाख ही रहेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता किटबा के अध्यक्ष सीए गोविंद कृष्णा ने की। संचालन अवधेश मिश्रा ने किया। इस दौरान अनिल साहू, रंजीत सिंह, जय शंकर द्विवेदी, प्रेम गुप्ता, अनिल सिंह, अजय गुप्ता आदि मौजूद रहे।