कानपुर के मंधना से बिठूर तक साढ़े आठ किलोमीटर तक आमान परिवर्तन कर डाली गई नई रेल लाइनों (अप-डाउन) के बीच बारिश की वजह से जमीन धंस गई। दोनों ट्रैक में स्लीपर के नीचे से मिट्टी और गिट्टी भी बह गई। सीआरएस ने फरवरी में इस ट्रैक पर ट्रेन दौड़ाकर हरी झंडी भी दे दी थी।
हालांकि अभी इस ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हुआ है। इससे काम की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल, गुरुवार को हुई बारिश की वजह से बिठूर के नए बने ब्रह्मावर्त रेलवे स्टेशन के पास दोनों पटरियों के बीच में चार जगह गड्ढे हो गए।
जमीन धंसने की वजह से दोनों ट्रैक के स्लीपर भी दिखने लगे। इनके नीचे की मिट्टी भी गिट्टियों के साथ बह गई। ऐसे में अगर इस पर कोई ट्रेन चलती तो हादसा होने का खतरा था। ये गड्ढे करीब तीन फीट गहरे और पांच फीट चौड़े हैं।
फिलहाल ट्रेन न चलने की वजह से कोई अनहोनी नहीं हुई। रेलवे की टीम ने रात में इन गड्ढों को देखा। हालांकि बारिश की वजह से मरम्मत नहीं हो सकी है। इज्जतनगर मंडल के पीआरओ राजेंद्र सिंह ने बताया कि अभी इस पर ट्रैफिक चालू नहीं हुआ है। गड्ढों की जल्द ही मरम्मत करा दी जाएगी।