अगले साल होने वाली हज यात्रा पर यदि आप जाना चाहते हैं तो जरूरी है कि आपका पासपोर्ट 17 नवंबर 2018 तक या इसके पहले का जारी हुआ होना चाहिए। पासपोर्ट की वैधता 31 जनवरी 2020 तक होनी चाहिए। साथ ही पासपोर्ट पर लिखा पता बदल गया है तो इसके लिए नए पते के 11 प्रूफ देने होंगे। इनमें राशन कार्ड, बिजली का बिल, पानी का बिल, मतदाता पहचान पत्र, बैंक पास बुक, सरकारी कार्यालय का कर्मचारी पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, टेलीफोन बिल (लैंडलाइन), इनकम टैक्स असेस्मेंट आर्डर और आधार कार्ड शामिल हैं।
हज यात्रा-2019 के लिए इस सप्ताह जारी गाइड लाइन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि यात्री आवेदन के बाद किसी वजह से नहीं जा पाता है तो बीच में उसका पासपोर्ट वापस नहीं किया जाएगा। अभी तक होता रहा है कि राज्य हज समिति के जरिये हज पर जाने वाले यात्री किसी वजह से फ्लाइट छूटने पर निजी एजेंसी के माध्यम से यात्रा पर चले जाते हैं। अब ऐसा नहीं हो सकेगा। इसके साथ ही रिजर्व कैटेगरी में 70 वर्ष या इससे अधिक आयु के लोगों को रखा गया है। जो एक बार हज पर जा चुके हैं, उन्हें इस कैटेगरी में राज्य हज समिति मौका नहीं देगी।
इसके अलावा अगर कोई सत्यता छिपाता है तो उसका आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा। उसकी जमा धनराशि भी नहीं मिलेगी। इसके अलावा स्वास्थ्य संबंधी गाइड लाइन जारी की गई है। इसमें एडवांस स्टेज की गर्भवती महिला के लिए संबंधित एयरलाइंस के मेडिकल अफसर का सर्टिफिकेट जरूरी है। बिना मेहरम (सहयोगी) के जाने वाली महिलाओं के लिए कहा गया है कि वे चार महिला यात्रियों का ग्रुप बनाकर जाएं। कैंसर, लीवर, टीबी, सांस रोग, संक्रामक रोग के गंभीर मरीजों के लिए यात्रा पर जाने की मनाही है।