दुनिया के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में शामिल कानपुर में जल्द ही प्रदूषण दूर करने को लेकर बड़ा अभियान शुरू किया जाएगा। इसमें सड़कों और निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल और वाहनों, कूड़े से उठने वाले धुएं पर रोक लगाने के इंतजाम किए जाएंगे। हालांकि इससे पहले भी इस तरह की कवायद हो चुकी है। इस बार देखना है कि अधिकारी कितनी ताकत दिखा पाते हैं।
वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की तरफ से देश भर में 27 शहरों को सर्वाधिक प्रदूषित शहर के रूप में चिन्हित किया गया। इसमें यूपी में 15 शहर शामिल हैं। यूपी के प्रमुख प्रदूषित शहरों में कानपुर, लखनऊ वाराणसी और प्रयागराज हैं। इन सभी जगहों पर धूल और धुएं की वजह से प्रदूषण की मात्रा काफी बढ़ी हुई है।
मंत्रालय की तरफ से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजे गए दिशा निर्देश के तहत इन शहरों में जल्द ही प्रदूषण के खिलाफ अभियान शुरू किया जाएगा। इसके लिए 18 जून को यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन जेपीएस राठौर ने संबंधित जिलों के प्रदूषण से जुड़े विभागों की बैठक लखनऊ में बुलाई है।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी घनश्याम ने बताया कि चेयरमैन की बैठक के बाद तय होगा कि कहां और किस तरह का अभियान चलाना है। इसे लेकर जिलाधिकारी स्तर से भी एक बार बैठक हो चुकी है, जिसका एजेंडा बनाकर बोर्ड को भेजा जा चुका है। इसके अलावा जो विभाग इसके लिए जिम्मेदार हैं उन्हें भी एजेंडे की कॉपी भेजी गई है।
इस तरह होगा अभियान
- सड़कों पर धूल को मशीनों से साफ किया जाएगा।
- प्रदूषित शहरों को सड़कों की धूल साफ करने केलिए कई मशीनें दी जाएंगी।
- सड़कों के गड्ढे भरने का अभियान चलेगा, सड़कें ठीक रहें इसकी जिम्मेदारी भी तय होगी।
- कूड़ा जलाने पर सख्ती के लिए विभागों की जिम्मेदारी तय की जाएगी, जुर्माना भी होगा।
- खटारा वाहनों से निकलने वाले धुएं पर भी लगेगी लगाम।