यूके के शिक्षण संस्थानों में एजुकेशन टूर के लिए गयी टीम
ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) के विशेषज्ञ जल्द ही इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और प्रोफेशनल एजुकेशन के लिए नई एजुकेशन पॉलिसी तैयार करेंगे। इसमें कॉलेजों को इंडस्ट्री की डिमांड के अनुसार खुद समय-समय पर पाठ्यक्रम बदलने की अनुमति दी जा सकती है।
काउंसिल ने यूकेरी एआईसीटीई टेक्निकल लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत अपनी एक 11 सदस्यीय टीम को यूनाइटेड किंगडम (यूके) के शिक्षण संस्थानों में एजुकेशनल टूर के लिए भेजा था। इसमें एआईसीटीई के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. मनोज तिवारी भी शामिल थे।
डॉ. तिवारी ने बताया कि टूर के दौरान टीम ने डुडले कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी, वैरिक मैनुफैक्चरिंग ग्रुप, एनर्जी इनोवेशन सेंटर, आरडीएम ग्रुप, ऊका रोबोटिक्स सहित कई शिक्षण संस्थानों और शोध संस्थानों का मुआयना किया।
डॉ. तिवारी के अनुसार यूके के शिक्षण संस्थानों का इंडस्ट्री के साथ काफी अच्छा तालमेल होता है। इंडस्ट्री अगर कुछ डिमांड करती है तो उसके अनुसार दो दिनों के अंदर ही उनके यहां पाठ्यक्रम बदल दिए जाते हैं। इससे वहां के छात्रों को सबसे अधिक फायदा मिलता है और वे इंडस्ट्री से हमेशा जुड़े रहते हैं।
प्रयोगात्मक ज्ञान पर अधिक ध्यान
डॉ. तिवारी के अनुसार यूके के शिक्षण संस्थानों में छात्रों को पढ़ाने का तरीका भी आधुनिक और अनोखा होता है। शिक्षक खुद छात्रों के प्रयोगात्मक ज्ञान पर फोकस रखते हैं। खुद भी समय-समय पर ट्रेनिंग हासिल करते रहते हैं। नए अपडेट के साथ जुड़े रहते हैं ताकि छात्रों को पढ़ाने में उन्हें कोई दिक्कत न हो।
स्वायत्तता की तरफ बढ़ेंगे
एआईसीटीई के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. मनोज तिवारी ने बताया कि विदेशी शिक्षण संस्थानों और इंडस्ट्री की डिमांड को देखते हुए हम भी शिक्षण संस्थानों को स्वायत्तता की तरफ बढ़ाने का काम करेंगे ताकि छात्र अच्छे निकलें और उन्हें रोजगार के लिए परेशान न होना पड़े।