कानपुर। काकादेव थानाक्षेत्र में साइबर ठगों ने लिंक और ओटीपी के बिना महिला के खाते से सात बार में 55 हजार रुपये पार कर दिए। महिला जब पासबुक अपडेट कराने बैंक पहुंची तो रकम के कटने की जानकारी मिली। पीड़ित ने अज्ञात पर आईटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
विजयनगर निवासी माला चौहान ने बताया कि उनका खाता पांडुनगर स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में है। उन्होंने बताया कि तीन मई को चार बार में 10-10 हजार करके 40 हजार रुपये कट गए। वहीं, 15 मई को तीन बार में 5-5 हजार रुपये करके 15 हजार कटे। महिला के अनुसार जब वह बैंक में अपनी पासबुक अपडेट कराने पहुंची तब उन्हें कुल 55 हजार रुपये कटने की जानकारी हुई। उन्होंने पुलिस से कहा कि उनके पास न तो कोई लिंक आया न हीं कोई ओटीपी। इसके बाद खाते से कैसे रकम खाते से कट गई। काकादेव इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर साइबर सेल से मदद ली जा रही है। मालूम हो कि लगातार साइबर सेल ठगों से अलर्ट रखने के लिए जागरूक करते रहते हैं लेकिन साइबर ठग भी नए-नए तरीके से लोगों को शिकार बना रहे हैं।
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बैंक अकाउंट से लिंक मोबाइल नंबर न साझा करें
साइबर सेल इंस्पेक्टर सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए सबसे अच्छा तरीका ये है कि आधार और बैंक अकाउंट से लिंक मोबाइल नंबर को किसी से साझा न करें। इस नंबर से किसी को कॉल भी न करें। इसके अलावा बैंक के नंबर से भी फोन आए तो भी ओटीपी, पासवर्ड या कस्टमर आईडी जैसी डिटेल न बताएं। क्योंकि वीपीएन के जरिए ठग किसी भी नंबर की कॉपी करके फोन कर सकते हैं। एटीएम में हमेशा पिन कोड डालते समय हाथ से ढंकें, क्योंकि हिडन कैमरों से पासवर्ड चोरी होते हैं।
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धोखाधड़ी से बचने के लिए करें ये चीजें
- किसी भी अनजान कॉल या मैसेज का जवाब न दें।
- किसी अनजान लिंक को खोलने से बचें।
- अगर पैसे निकल चुके हैं तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें और अकाउंट को लॉक करवाएं।
- फ्रॉड की जानकारी होने के बाद तुरंत साइबर सेल 1930 पर सूचना दें।