कानपुर देहात। सरवनखेड़ा ब्लॉक के सैंथा ग्राम सभा का राजवित्त का खाता बीडीओ ने सीज करा दिया, जबकि किसी भी तरह की अनियमितता की न तो शिकायत हुई है और न ही कोई जांच कराई गई। खाता सीज कराने के बाद बीडीओ ने तीन सदस्यीय समिति गठित कर जांच भी शुरू करा दी। बीडीओ की ये कार्यशैली जिले में पंचायत विभाग से जुड़े कर्मियों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।
सैंथा ग्राम पंचायत के राजवित्त का खाता बैंक ऑफ बड़ौदा सरवनखेड़ा में है। बीडीओ अशोक कुमार ने 13 मई को खाता सीज करा दिया। पंचायती राज अधिनियम 1994 के उपबंधों के तहत ग्राम सभा में की गई अनियमितता की जांच के लिए शपथ पत्र पर डीएम से शिकायत करनी होती है। इसके बाद डीएम अपने स्तर से जिला स्तरीय अधिकारी व तकनीकी जांच के लिए सहायक अभियंता को शामिल करके टीम बनाते हैं।
जांच में धन के दुरुपयोग की पुष्टि होने के बाद डीएम खाता सीज करने के निर्देश देते हैं। सरवनखेड़ा ब्लॉक में बीडीओ ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर खाता सीज कराने की कार्रवाई कर दी। साथ ही ब्लॉक स्तर पर तीन सदस्यीय समिति भी गठित कर दी। इसकी चर्चा जिले के अन्य ब्लॉकों तक पहुंची तो कई बीडीओ व पंचायत सचिव बीडीओ की इस कार्रवाई पर हैरानी जता रहे हैं।
पंचायत सचिव बीडीओ के खिलाफ लामबंद होने की तैयारी में हैं। सरवनखेड़ा ब्लॉक में इस समय पंचायत कर्मियों व बीडीओ के बीच जमकर अंदरूनी जंग चल रही है। इसका असर पंचायत के विकास कार्यों में पड़ना दिख रहा है। बीडीओ का तर्क है सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। अगर अभिलेख मांगे जाए तो सचिव उपलब्ध नहीं कराते हैं और गलत आरोप लगाते हैं।
ग्राम सभा के खाता सीज करने का अधिकार बीडीओ को नहीं है। मामले की जानकारी मिली है कि उन्होंने खाता सीज करने के साथ ब्लॉक में तीन सदस्यीय समिति भी जांच के लिए गठित कर दी है। बीडीओ ने अधिकार क्षेत्र से हटकर काम किया है। उच्चाधिकारियों को इससे अवगत कराया गया है।
-अनिल कुमार सिंह, डीपीआरओ
सैंथा ग्राम पंचायत में गड़बड़ी की जानकारी मिली तो पंचायत सचिव से विकास कार्यों से संबंधित अभिलेख तलब किए गए। उन्होंने न तो अभिलेख उपलब्ध कराए और न ही कोई समुचित जवाब दिया। सरकारी धन का दुरुपयोग न किया जा सके इसके चलते खाता संचालन पर रोक लगाई है। मामले की जांच कराई जा रही है। -अशोक कुमार, बीडीओ सरवनखेड़ा