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UP: किशोरी से दुष्कर्म में पड़ोसी को 20 साल कैद, गलत मेडिकल रिपोर्ट देने वाली डॉक्टर पर होगी कार्रवाई

Thu, 19 Sep 2024 09:09 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: आठ अगस्त 2023 को घर में घुसकर पड़ोसी ने डॉक्टर की बेटी से दुष्कर्म किया था। मामले में कोर्ट ने पांच माह में गवाही पूरी कर सजा सुनाई है। दोषी को 20 साल कैद और 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
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सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में डॉक्टर की किशोर बेटी से दुष्कर्म करने वाले पड़ोसी को अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट योगेश कुमार ने 20 साल कैद की सजा सुनाई है। 70 हजार रुपये जुर्माने भी लगाया है। छह दिन में चार्जशीट दाखिल होने के बाद पांच माह में गवाही पूरी कर कोर्ट ने सजा सुनाई है। वहीं अधूरी और गलत रिपोर्ट लगाने वाली डॉक्टर के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

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पनकी क्षेत्र निवासी डॉक्टर आठ अगस्त 2023 को कानपुर देहात में अपनी क्लीनिक गए थे। उनकी पत्नी किसी काम से अकबरपुर गईं थीं। घर पर 14 वर्षीय बेटी व छह वर्षीय बेटा था। बच्चों ने दरवाजा खुला छोड़ दिया था, जिसका फायदा उठाकर पड़ोसी विनोद सिंह उर्फ मोनू परिहार घर में घुस आया और किशोरी से दुष्कर्म किया। मां-बाप को मार देने की धमकी देकर किशोरी को डराता रहा और रुपये भी वसूलता रहा।

माता-पिता समेत सात गवाह कोर्ट में पेश किए
कुछ दिन बाद मां-बाप के सख्ती से पूछने पर किशोरी ने सारी बात बताई। तब 17 अगस्त को पिता ने पनकी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विशेष लोक अभियोजक भावना गुप्ता ने बताया कि अभियोजन की ओर से पीड़िता व उसके माता-पिता समेत सात गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने विनोद को दोषी मानकर सजा सुनाई। जुर्माने के 60 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे।

23 अगस्त 2023 को चार्जशीट, 16 अप्रैल को आरोप तय
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने छह दिन में ही 23 अगस्त 2023 को चार्जशीट कोर्ट भेज दी थी। 16 अप्रैल 2024 को कोर्ट ने विनोद के खिलाफ आरोप तय किए थे और पांच माह में ही अभियोजन के सात व बचाव पक्ष के दो गवाहों की गवाही कराकर और अभियोजन कार्यवाही पूरी करके कोर्ट ने मुकदमे का फैसला सुना दिया।

डॉ. वर्षा की रिपोर्ट विधि विरुद्ध: कोर्ट
पीड़िता का मेडिकल करने वाली डॉक्टर ने मेडिकल परीक्षण में घोर लापरवाही की। इस पर कोर्ट ने सीएमओ और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग लखनऊ के प्रमुख सचिव को निर्देशित किया है कि डॉ. वर्षा के खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई करके जानकारी कोर्ट को भेजें।
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कई अन्य फाइलों में भी ऐसा ही किया
कोर्ट ने कहा कि डॉ. वर्षा ने परीक्षण रिपोर्ट विधि अनुसार न बनाकर अधूरी, भ्रमित करने वाली व त्रुटिपूर्ण बनाई। रिपोर्ट में यह नहीं लिखा है कि पीड़िता के हाईमन का स्टेटस क्या है। डॉ. वर्षा की रिपोर्ट विधि विरुद्ध, पीड़िता के साथ अन्याय और अभियुक्त को अनुचित लाभ पहुंचाने वाली है। भावना गुप्ता ने बताया कि डॉ. वर्षा वर्तमान में सीएचसी कल्याणपुर में तैनात हैं। कई अन्य फाइलों में भी इन्होंने ऐसा ही किया है।
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