केंद्र सरकार की ओर से गांव-गांव में शौचालय बनवाने केे लिए संचालित की जा रही प्रधानमंत्री स्वच्छता योजना अफसरों की उदासीनता की भेंट चढ़ती दिखाई दे रही है। जनपद जालौन की नगर पंचायत ऊमरी में योजना केे अंतर्गत पात्रों को शौचालय दिलाने के लिए सभासदों की ओर से जमा किए गए 880 फार्मों की प्रक्रिया ठंडे बस्ते में पड़ी है।
शौचालय के अभाव में लोग खुले में शौच करने को मजबूर हो रहे हैं। लोगों को केेंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई स्वच्छ भारत अभियान योजना केे तहत मिलने वाले शौचालयों से उम्मीद थी, लेकिन नगर पंचायत ऊमरी में चेयरमैन प्रतिनिधि व अफसरों की सांठगांठ के चलते योजना का क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है।
केेंद्र सरकार की मंशा पर नगर पंचायत ऊमरी के अधिकारी व कर्मचारी खरा नहीं उतर रहे हैं। सभासदों का आरोप है कि चेयरमैन प्रतिनिधि ने फार्म अपने घर में रख लिए हैं। इससे योजना का लाभ लाभार्थियों को नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से इस संबंध में शिकायत की है।