हालत में सुधार नहीं हुआ। इस पर परिजन नवजात को दोबारा सीएचसी लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने फिर से जिला अस्पताल ले जाने के लिए कहा। एंबुलेंस से संपर्क किया गया, लेकिन वह काफी देर तक नहीं पहुंची। इससे परिजन नवजात को मोटर साइकिल से जिला अस्पताल ले आए।
बाइक से लाने से नवजात को ऑक्सीजन नहीं मिल सकी। चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार बच्चे की रास्ते में ही मौत हो गई थी। प्रसूता मालती ने कहा कि सीएचसी में बच्चे को ऑक्सीजन नहीं दी गई थी। वहीं स्टाफ का कहना है कि उनके पास ऑक्सीजन की सुविधा नहीं है।
मामले की जांच कराऊंगा। सीएचसी स्टाफ को एंबुलेंस से रेफर करना चाहिए था। यह बड़ी लापरवाही है। इसमें जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी।
डॉ. कृष्ण स्वरूप, मुख्य चिकित्साधिकारी, कन्नौज