चंबल घाटी में बंदूक उठाकर चर्चित हुई फूलन देवी की राह पर एक और दस्यु सुंदरी चल पड़ी है। निकाय चुनाव में इटावा नगर पालिका सीट से नीलम गुप्ता ने दावेदारी पेश की है। नीलम मारे गए कुख्यात दस्यु निर्भय गुर्जर की चौथी पत्नी हैं ।
राजनीति में आकर करना चाहती हैं जनता की सेवा
नीलम गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
इटावाः नीलम गुप्ता ने बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए चुनाव लड़ने की इच्छा जताई। उन्होने बताया कि सजा काटने के बाद राजनीति में आकर जनता की सेवा करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव के लिए किसी राजनीतिक दल से संपर्क नहीं किया है। वह निर्दलीय रहकर जनता की सेवा करेंगी।
नीलम 12 साल सजा काटने के बाद जेल से बाहर आई हैं। नीलम गुप्ता बताती हैं कि अध्यक्ष बनने पर वह महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ और उनके हक के लिए लड़ाई लड़ेंगी। नगर के विकास पर सबसे ज्यादा ध्यान देंगी।
2003 में निर्भय गुर्जर ने किया था अपहरण
नीलम गुप्ता
उन्होंने बताया कि कक्षा छह की छात्रा थीं तब 12 वर्ष की उम्र में वर्ष 2003 में निर्भय गुर्जर ने अपहरण कर लिया था। डरा धमका कर बंदूक चलाना सिखाया गया। डकैतों के चंगुल से छूटकर उन्होंने 31 जुलाई 2004 को इटावा की एंटी डकैती कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बाद उन्हें इटावा जेल भेज दिया गया था। फिर लखनऊ में नारी बंदी गृह भेज दिया गया। जिंदगी के 12 साल जेल की कोठरी में काटे। उन्होंने कहा कि इटावा की जनता अगर उन्हें मौका देती है तो वह महिलाओ पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ लड़ाई लड़ेगी और नगर में विकास को महत्व देते हुए ज्यादा विकास करके दिखाएंगी ।
26 जनवरी 2004 को दस्यु निर्भय गुर्जर ने की थी शादी
नीलम गुप्ता
26 जनवरी 2004 को नीलम गुप्ता के साथ निर्भय गुर्जर की इटावा जिले के सहसों इलाके के जाहरपुर गांव स्थित सिद्धबाबा मंदिर में शादी हुई। 26 जुलाई 2004 को नीलम और दस्यु निर्भय गुर्जर का दत्तक पुत्र श्याम जाटव निर्भय गैंग से फरार होने के बाद दोनों राजस्थान तक जा पहुंचे थे। उसके बाद दोनों ने 31 जुलाई को समर्पण कर दिया । नीलम गुप्ता को निर्भय गुर्जर की चौथी पत्नी की तौर पर देखा जाता है। इससे पहले निर्भय सिंह गुर्जर ने मुन्नी पांडे,सीमा परिहार,पार्वती उर्फ चमचुल से शादी की थी । वैसे चंबल से निकली किसी भी महिला डकैत ने भले ही राजनैतिक तौर पर अपनी किस्मत अजमाई हो लेकिन कामयाबी अभी तक सिर्फ फूलन देवी को ही मिली है।