कानपुर के इंडियन मेडिकल एसोसिएशन कॉलेज आफ जनरल प्रैक्टिसनर्श रिफ्रेशर के आठवें व अंतिम दिन रविवार को तीन कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। पहली कार्यशाला आर्टियल ब्लड गैस (एबीजी) पर हुई। इसमें डॉ. डीके सिन्हा और डॉ. एके सिंह ने बताया कि एबीजी जांच से शरीर के अंदर बहुत सारे परिवर्तन का पता लगाया जा सकता है।
आक्सीजन की कमी, कार्बन डाई आक्साइड की अधिकता आदि का पता लग जाता है। इससे फेफड़ों के अंदर बदलाव भी पता लग जाते हैं। कार्यशाला का आयोजन मेडिकल कालेज के ऑडिटोरियम में किया गया। डॉ. सिन्हा ने बताया कि एबीजी जांच से ही जीवन रक्षक प्रणाली का संचालन किया जाता है।