21 सितंबर 2017 से शारदीय नवरात्रि शुरू होंगे। मइया शांत मुद्रा में आगम करेंगी और शांत मुद्रा में ही वापस होंगी। नवरात्रि में मइया का यह रूप लोगों का कल्याण करेगा। पंडित केए दुबे पद्मेश ने बताया कि इस बार पूरे 9 दिन के नवरात्रि होंगे। 21 सितंबर 2017 को सूर्योदय से लेकर सुबह 10:35 बजे तक नवरात्रि कलश स्थापना का मुहूर्त है।
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पूरे नौ दिन के होंगे नवरात्र
सरस्वतीजी का आगमन 27 सितंबर को सुबह 9:57 बजे होगा और इसके बाद अगले दिन दोपहर 12:57 बजे तक रहेगा। मइया का आगमन मूल नक्षत्र में होगा।
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देवी मां का यह रूप लोगों का कल्याण करेगा।
उनके शक्ति स्वरूप दुर्गा की पूजा 27, 28 व 29 सितंबर तक होगी। घर की देहरी का पूजन 27 सितंबर को किया जाएगा। इसके लिए बकरी का दूध आवश्यक होता है।
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21 से नवरात्र
ऐसा करने से घर में संपन्नता आती है। पंडित दीपक पांडेय का कहना है कि नवरात्र में मइया के अलग-अलग रूपों की पूजा अलग-अलग तरीके से करने पर सुख, संपत्ति और समृद्धि मिलती है।
21 सितंबर 2017 को पहला दिन-शैलपुत्री को आंवले का तेल चढ़ाएं |
22 सितंबर 2017 को दूसरा दिन-ब्रह्मचारिणी को फीता बांधें |
23 सितंबर 2017 को तीसरा दिन-चंद्रघंटा को सिंदूर चढ़ाएं |
24 सितंबर 2017 को चौथा दिन-कृष्मांडा को दर्पण अर्पित करें |
25 सितंबर 2017 को पांचवां दिन-स्कंदमाता को पाउडर चढ़ाएं |
26 सितंबर 2017 को छठा दिन-कात्यायनी को गुडहल का पुष्प चढ़ाएं |
27 सितंबर 2017 को सातवां दिन-कालरात्रि को काजल चढ़ाएं |
28 सितंबर 2017 को आठवां दिन-महागौरी का व्रत करें |
29 सितंबर 2017 को नौवां दिन-सिद्धिदात्री का हवन करें और नारियल चढ़ाएं |